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जालसाजी कर हड़पी एलडीए की जमीन, प्रियदर्शिनी योजना में बेचा भूखंड तो अलीगंज में चल रही नर्सरी

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लखनऊ। जाली दस्तावेज से एलडीए की दो जमीनें हड़प ली गईं। ऐसे दो प्रकरण में एलडीए वीसी अभिषेक प्रकाश के आदेश पर मुकदमा दर्ज कराया गया है। अलीगंज में जहां ग्रीनबेल्ट की जमीन पर जाली दस्तावेज से पट्टा दिखाकर वर्षों से बिना एलडीए को किराया या जमीन की कीमत दिए ही व्यावसायिक उपयोग चल रहा था। उधर, प्रियदर्शिनी योजना में आवासीय भूखंड को अपना बता निर्माण शुरू करा दिया गया। एलडीए के सचिव पवन गंगवार ने विभागीय जांच में गड़बड़ी पाए जाने पर पुलिस को कार्रवाई के लिए कहा। एलडीए के उप सचिव माधवेश कुमार की तहरीर पर गोमतीनगर पुलिस ने दोनों मामलों में मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू की है।
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ग्रीनबेल्ट की जमीन पर चल रही नर्सरी
एलडीए की तरफ से दी गई तहरीर के मुताबिक 195 आर्यनगर निवासी बद्रीनाथ अग्निहोत्री अलीगंज में सेक्टर जी की ग्रीनबेल्ट की 3059 वर्गमी जमीन पर नर्सरी चला रहे थे। इसके लिए जो आवंटन पत्र दिखाया वह दो मई 1988 का था, जिसमें गार्डन लीज के उपयोग के लिए बताया गया। जांच में आवंटन पत्र जाली निकला। वहीं जो चालान पैसा जमा करने के लिए बताए गए वह भी जाली निकले। आवंटन पत्र एलडीए के डिस्पैच रजिस्टर में मौजूद नहीं था। 1997 तक चार चालान से करीब 1,07829 रुपये जमा होना बताया गया जो प्राधिकरण के खाते में जमा नहीं पाया गया। संयुक्त सचिव संपत्ति की तरफ से जारी कब्जा पत्र पर कोई भी तारीख या पत्रांक संख्या नहीं है। प्राधिकरण के रजिस्टर में भी इसका कोई डिस्पैच दर्ज नहीं मिला। छह सदस्यीय समिति की जांच रिपोर्ट के बाद वीसी अभिषेक प्रकाश के आदेश पर उप सचिव मुकदमा दर्ज कराया। गोमती नगर इंस्पेक्टर केशव कुमार तिवारी ने बताया कि मामले में बद्रीनाथ अग्निहोत्री निवासी 195 आर्यनगर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर छानबीन की जा रही है।
आवंटन किसी को, निर्माण किसी का शुरू
प्रियदर्शिनी योजना के भूखंड 1/261 सेक्टर बी की जाली दस्तावेज और रजिस्ट्री भी फ्रॉड कर विजय कुमार निवासी फतेहपुर ने बना ली गई। इस रजिस्ट्री को निबंधन कार्यालय में पंजीकृत भी नहीं कराया गया। इस भूखंड को जाली दस्तावेज से विजय कुमार ने बेलदारी लेन लालबाग निवासी अशफाक अली को बेच दिया। इसकी रजिस्ट्री भी 12 अक्तूबर 2018 को होनी बताई गई। एलडीए अधिकारियों का कहना है कि एलडीए ने विजय कुमार को कोई आवंटन व रजिस्ट्री नहीं की। ऐसे में अशफाक अली की रजिस्ट्री भी विधिक रूप से अमान्य है। एलडीए ने यह भूखंड उर्मिला को आवंटित किया था, जिनसे पुष्पेंद्र श्रीवास्तव ने खरीद लिया था। अशफाक ने पिछले दिनों भूखंड पर अपना निर्माण शुरू कराया तो पुष्पेंद्र श्रीवास्तव ने एलडीए में शिकायत की। जांच में जाली दस्तावेज बनाने और दुरभिसंधि कर भूखंड हड़पने का प्रयास सामने आया। गोमतीनगर इंस्पेक्टर ने बताया कि मामले में विजय कुमार निवासी फतेहपुर, थाना अलीगंज और अशफाक अली निवासी 120/94, बेलदारी लेन, लालबाग लखनऊ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।
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बिना एलडीए की साठगांठ के तो संभव नहीं
दोनों ही प्रकरण को देखें तो इनमें बिना एलडीए के लोगों के साठगांठ के जमीन हड़पना संभव नहीं है। एलडीए के स्वामित्व की ग्रीनबेल्ट की जमीन पर कोई सालों से कब्जा कर नर्सरी चल रही हो और इसका एलडीए को पता न हो, यह संभव नहीं हो सकता। इसी तरह जाली रजिस्ट्री का उपयोग कर नक्शा स्वीकृत कराने से लेकर निर्माण शुरू हो जाना एलडीए अफसरों पर सवाल उठाता है।
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