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क्यों है अवैध अपार्टमेंट पर एलडीए मेहरबान

Sun, 13 Apr 2014 09:00 AM IST
प्रवेंद्र गुप्ता/अमर उजाला, लखनऊ
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शहर में सैकड़ों अपार्टमेंट अवैध हैं। करीब एक हजार अपार्टमेंटों की सूची तो एलडीए उच्च न्यायालय में दाखिल कर चुका है।
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इनके अवैध निर्माण को तोड़ने का आदेश भी एलडीए की फाइलों में है लेकिन इनके टूटने का नम्बर नहीं आता है। इसके पीछे बिल्डरों और एलडीए इंजीनियरों व अधिकारियों के बीच मजबूत गठजोड़ माना जा रहा है।

एकल आवासीय भवनों को तोड़कर उन पर बहुमंजिला आवासीय कॉम्प्लेक्स बनाने का गोरखधंधा तो शहर में इस कदर चल रहा है कि घनी आबादी वाले इलाकों तक में अपार्टमेंट बनाए जा रहे हैं।
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जापलिंग रोड, गोलागंज, अमीनाबाद, न्यू हैदरबाद, महानगर, अलीगंज, चौक, सआदतगंज, नरही, सरेाजनी नायडू मार्ग व अलीगंज में बड़ी संख्या में एक ल आवासीय मकानों को तोड़कर उन पर बहुमंजिला अपार्टमेंट खड़े कर दिए गए हैं।

नियमों के तहत एकल आवासीय भूखंडों पर ढाई मंजिल से अधिक निर्माण नहीं किया जा सकता। उसके बाद भी तीन से चार मंजिल तक बनाई गई हैं। कई बार एलडीए ने ऐसे अपार्टमेंटों को तोड़ने का ढिंढोरा पीटा मगर हुआ कुछ नहीं।

करीब दो साल पहले महानगर में एलडीए की टीम एक अपार्टमेंट के अवैध निर्माण को तोड़ने गई और चौथी मंजिला की चारदीवारी को तोड़ खानापूरी कर लौट आई।

इसी तरह सरोजनी नायडू मार्ग पर भी एलडीए की टीम ने अवैध निर्माण तोड़ने के नाम पर महज कागजी खानापूरी भर की।

इसके बाद पिछले करीब दो साल से एलडीए की ओर से नियमों के विपरीत किए गए अपार्टमेंटों के निर्माण को तोड़ने के लिए व्यापक अभियान नहीं चलाया गया।

इसके चलते नियमों के विपरीत अपार्टमेंट बनाए जाने का काम शहर में तेजी से चल रहा है। हाल में अलीगंज के सेक्टर जे में एकल आवासीय भूखंड पर एलडीए इंजीनियरों की मिलीभगत से बिल्डर ने चार मंजिला अपार्टमेंट खड़ा कर दिया।
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