कानपुर के बिकरू में आठ पुलिसकर्मियों के हत्यारोपी मृतक विकास दुबे के लखनऊ स्थित घर का भविष्य अब एलडीए का प्रवर्तन कोर्ट तय करेगा। जिस भूखंड पर इंद्रलोक कॉलोनी में घर बनाया गया, उसके लिए स्वीकृत मानचित्र अभी तक नहीं मिला है।
ऐसे में अवैध निर्माण मानते हुए इसकी सुनवाई प्रवर्तन कोर्ट ने शुरू कर दी है। विहित प्राधिकारी ऋतु सुहास ने बताया कि इंद्रलोक कॉलोनी में भूखंड 424 जे के लिए 2002 में एक मानचित्र स्वीकृत हुआ था।
लेकिन, केवल यह एक मकान बनाए जाने के लिए था। मौके पर बिना अनुमति सब-डिवीजन कर चार मकान बना लिए गए। इसके लिए अलग से मानचित्र एलडीए से स्वीकृत कराया जाना चाहिए था।
ऐसा अगर नहीं हुआ तो यह अवैध निर्माण होगा। कॉलोनी का ले-आउट 1990 में स्वीकृत है। ऐसे में मानचित्र को नियमानुसार पूर्व में स्वीकृत कराया जा सकता था। विकास दुबे की पत्नी ऋचा दुबे जोकि खुद भवन स्वामी भी हैं।
उन्होंने एलडीए में संपर्क कर प्रक्रिया की जानकारी ली है। अगली तारीख में मकान से जुड़े दस्तावेज और एलडीए से अनुमति आदि की प्रति लेकर मौजूद रहने के लिए उनको कहा गया है।
विकास दुबे ने कटवाए पड़ोसियों को एलडीए के चक्कर
विकास दुबे के मकान पर कार्रवाई करने के लिए एलडीए को उसी भूखंड पर बाकी भाग में मकान बनाने वाले तीन पड़ोसियों को भी नोटिस देना पड़ा है। अभी तक कोई नोटिस एलडीए ने इस भूखंड के लिए पूर्व में नहीं दिया था।
ऐसे में चारों भवन स्वामियों को एलडीए ने अब नया नोटिस जारी कर अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी। विकास दुबे की पत्नी को छोड़कर बाकी तीनों के समन की प्रक्रिया भी एलडीए में शुरू करा दी है।