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सपा के दो नए मंत्री एक के पीछे एलडीए, दूसरा एलडीए के पीछे

Tue, 28 Jun 2016 12:59 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
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मंत्री रविदास मेहरोत्रा - फोटो : amar ujala
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समाजवादी पार्टी के  शहर से दो ऐसे विधायक मंत्री बन गए जिनका लखनऊ विकास प्राधिकरण के साथ 36 का आंकड़ा रहा है। शारदाप्रताप शुक्ला जहां किला मोहम्मदी गांव में प्राधिकरण की जमीन पर अवैध निर्माण करने और उसका ध्वस्तीकरण न होने देने को लेकर सुर्खियां बटोरते रहे, वहीं किसानों की मांगों को लेकर रविदास मेहरोत्रा ने एलडीए के अफसरों की नाक में दम कर दिया था। 
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लड़ाई तो यहां तक पहुंच गई थी कि वे एलडीए वीसी सत्येंद्र कुमार सिंह के खिलाफ किसानों के साथ धरने पर बैठ गए थे। वीसी के घर में बैंक की शाखा खुलने पर भी रविदास ने समर्थकों के साथ प्राधिकरण के बाहर हल्ला बोला था।

किसानों की जिन मांगों को लेकर रविदास ने आंदोलन छेड़ा था, उनमें से कई अब तक पूरी नहीं हुई हैं। जबकि शारदा के मामले में, हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद अब तक अवैध निर्माण पर कार्रवाई नहीं की गई।
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ऐसे में देखने वाली बात ये होगी कि मंत्री बनने के बाद में इन दोनों विधायकों का रुख एलडीए को लेकर कैसा होगा, प्राधिकरण के अफसरों का रुख भी मंत्रियों के मामलों पर देखने लायक होगा।

शारदा प्रताप शुक्ला का एक अवैध कब्जा हमेशा से एलडीए अफसरों के लिए परेशानी का सबब बना रहा है। कानपुर रोड नगर प्रसार योजना-3 के तहत किला मोहम्मदी गांव के खसरा संख्या 250 व 251 की करीब एक बीघा जमीन एलडीए ने 1984 में अधिगृहित की थी।

इसका कब्जा भी 1987 में ले लिया। इसी जमीन पर करीब डेढ़ दशक से शारदा प्रसाद का कब्जा है। मौके पर किराये पर दी गईं 14 दुकानें और दो धार्मिक स्थल बने हुए हैं। 2013 में कुछ और दुकान बनाए जाने का मामला सामने आया था। 
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एलडीए से रहा है 36 का आंकड़ा

मंत्री शारदाप्रताप शुक्ला - फोटो : amar ujala
एलडीए की इस जमीन से विधायक का अवैध कब्जा हटाने का लेकर किला मोहम्मद नगर के टोंडे खेड़ा गांव के निवासी और सपा कार्यकर्ता बृजभान सिंह यादव की ओर से जनहित याचिका भी उच्च न्यायालय में साल 2013 में ही दाखिल की गई। 

उनका आरोप है, जिस जमीन पर विधायक ने मकान और मार्केट बनाया है, वह एलडीए की जमीन है। हाइकोर्ट के आदेश पर इस अवैध कब्जे को एलडीए 11 फरवरी को ढहाना था। मगर तब शारदा ने वहां धार्मिक अनुष्ठान शुरू करवा दिया था। 

दोपहर तक कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। बाद में भी  एलडीए ने कोई एक्शन नहीं लिया। पिछले साल जियामऊ में एक अवैध इमारत के ध्वस्तीकरण के दौरान पैरोकारी में मंत्री रविदास मेहरोत्रा पहुंचे थे।

अधिकारियों ने तब उनसे वीसी सत्येंद्र कुमार सिंह से बात करने के लिए कहा था। जब उन्होंने वीसी को कॉल किया, तब यादव ने उनका फोन नहीं उठाया। कई बार कॉल करने पर भी जब फोन नहीं उठा तब विधायक ने वहां खासा हंगामा किया था। 

अधिकारियों को उन्होंने खासा भला-बुरा कहा। इसके बाद, उजरियावां के किसानों के साथ इस साल मार्च में उन्होंने वीसी सत्येंद्र कुमार सिंह के खिलाफ आंदोलन का आगाज किया था। उन्होंने न केवल किसानों की समस्याओं को उठाया, बल्कि वीसी के घर में निजी बैंक की शाखा अवैध रूप से खोले जाने और घर पर मोबाइल के अवैध टॉवर लगाए जाने पर विरोध किया था।

 इसकी शिकायत रविदास ने सीएम से भी की थी।  रविदास ने तब साफ नाम लेकर आरोप लगाए थे कि अफसर पहले घूसखोरी से अवैध निर्माण कराते हैं, फिर तोड़ने का डर दिखाकर घूस वसूलते हैं। आंदोलन के असर से वीसी को बैंक की शाखा बंद करनी पड़ी थी। 
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