राजधानी लखनऊ में एलडीए के आवंटियों को संपत्ति फ्री होल्ड कराने पर अब मनमाना ब्याज नहीं देना होगा। आवंटन के तीन महीने बाद से 12 प्रतिशत ब्याज वसूलने का आदेश निरस्त कर दिया गया है। अब ब्याज तभी लगेगा जब आवंटी नए जारी हाेने वाले मांगपत्र के अनुसार तय अवधि में फ्री होल्ड शुल्क जमा नहीं करेगा। फ्री होल्ड शुल्क वसूलने के नियम भी तय कर दिए गए हैं। नियम नहीं होने से मनमानी गणना की जा रही थी।
जो आवंटी दो-तीन साल या उससे भी अधिक समय बाद रजिस्ट्री कराने पहुंचते। चार मार्च 2023 के आदेश को आधार बनाकर एलडीए उनसे फ्री होल्ड शुल्क के साथ ब्याज वसूलने लगा। जबकि एलडीए के आवंटन पत्र में इसका कहीं भी उल्लेख नहीं था कि फ्री होल्ड शुल्क कितने समय में जमा करना है। इसको लेकर विवाद बढ़ा तो मामला शासन की अंकुश समिति तक पहुंचा। इसके बाद एलडीए में एक कमेटी का गठन किया गया।
कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद एलडीए प्रशासन ने ब्याज लगाने का आदेश निरस्त कर दिया है। अब फ्री होल्ड शुल्क जमा करने के लिए आवंटी को पहले से सूचना दी जाएगी। यदि तय समय में आवंटी फ्री होल्ड शुल्क जमा नहीं करता है, तभी ब्याज लिया जाएगा। बिना सूचना के ब्याज नहीं लगाया जाएगा। इसको लेकर एलडीए सचिव विवेक श्रीवास्तव की ओर से आदेश भी जारी कर दिया गया है।