कार्यशाला में मिट्टी से बनाए गईं बाघ और कमल की आकृतियां। -संवाद
लखनऊ। कैसरबाग सि्थत भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में इन दिनों चल रही कला अभिरुचि कार्यशाला में बच्चों को रचनात्मकता के विविध रंगों से परिचित कराया जा रहा है। कार्यशाला में नृत्य और गायन के साथ-साथ चित्रकारी और क्ले मॉडलिंग का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
क्ले मॉडलिंग सत्र में प्रशिक्षक विकास विश्वकर्मा ने बताया कि बच्चे मिट्टी के माध्यम से अपनी कल्पनाओं को आकार दे रहे हैं। वे इस प्रक्रिया को सिर्फ प्रशिक्षण नहीं, बल्कि एक आनंददायक रचनात्मक अनुभव के रूप में ले रहे हैं। बच्चों की लगन और मेहनत उनके बनाए शेर, बाघ, मोर और फूल जैसी आकृतियों में झलक रही है। बच्चे कच्ची मिट्टी से पक्के इरादे गढ़ रहे हैं।
कार्यशाला में भाग ले रहे बच्चों ने बताया कि मिट्टी से काम करना बहुत ही मजेदार है। इसमें हम अपनी पसंद की चीजें बनाकर अपनी कल्पनाओं को मूर्त रूप दे सकते हैं। उनका कहना है कि यही कौशल भविष्य में उन्हें एक नई पहचान दिला सकता है।