शहरों में मकान बनाकर हाउस टैक्स जमा न करने वालों की अब खैर नहीं। ऐसे लोगों से तीन माह बाद वसूली के लिए उनकी संपत्तियों की कुर्की की जाएगी।
जनवरी से लेकर मार्च तक उन्हें स्वयं टैक्स भरने का मौका दिया जाएगा। यही नहीं, एक साल से अधिक के बकाएदारों से ब्याज के साथ वसूली की जाएगी। शासन स्तर पर इस संबंध में बैठक हो चुकी है।
शीघ्र ही निर्देश जारी करने की तैयारी है। प्रदेश में 630 निकाय हैं। इसमें 13 नगर निगम, 194 पालिका परिषद व 423 नगर पंचायतें हैं।
राज्य सरकार ने नगर निगमों के साथ पालिका परिषद और नगर पंचायतों में भी हाउस टैक्स की वसूली अनिवार्य कर दी है। इसके बाद भी निकाय शत-प्रतिशत हाउस टैक्स की वसूली नहीं कर पा रहे हैं।
इसके चलते निकायों की वित्तीय स्थिति में सुधार नहीं हो पा रहा है। छोटे निकायों की स्थिति तो यह है कि कर्मचारियों को कई-कई महीने से वेतन नहीं मिल पा रहा है।
इसलिए राज्य सरकार चाहती है कि निकायों में हाउस टैक्स वसूली के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
शासन स्तर पर हुई बैठक के मुताबिक निकायों को जनवरी से मार्च तक हाउस टैक्स वसूली के लिए विशेष अभियान चलाना होगा। इसमें सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं के बकाएदारों की सूची तैयार की जाएगी।
इसके आधार पर कर निरीक्षकों को वसूली का लक्ष्य दिया जाएगा। शत-प्रतिशत वसूली करने वाले कर निरीक्षकों को सम्मानित भी किया जाएगा और लक्ष्य से कम वसूली करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।