बाजारखाला थाने में प्रदर्शन करते अधिवक्ता।
लखनऊ। बाजारखाला में निजी अस्पताल के कर्मचारियों के खिलाफ दो महीने पहले दी गई तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज न होने से नाराज अधिवक्ताओं ने शनिवार दोपहर तीन बजे थाने का घेराव किया। वकीलों ने थाने के सामने नारेबाजी करते हुए सड़क पर प्रदर्शन किया। डीसीपी के निर्देश पर प्राथमिकी दर्ज होने के बाद लगभग आधे घंटे चला प्रदर्शन समाप्त हो गया। हालांकि, इस दौरान सड़क के दोनों ओर भीषण जाम लग गया।
प्रदर्शन में शामिल अधिवक्ता अनुज बाजपेयी व सुरेश पांडेय ने बताया कि 22 नवंबर को बजाराखाला स्थित वत्सला हॉस्पिटल में उनके साथी भवानीगंज निवासी वकील नरेंद्र साहू की बहू ने बच्ची को जन्म दिया था। नवजात के कमजोर होने के कारण रामा नर्सिंग होम के प्रबंधक डॉ. श्रेय रस्तोगी ने दोनों को अपने अस्पताल में भर्ती किया था। आरोप है कि वहां डॉक्टरों ने महंगी जांचें करवाईं और अपने ही मेडिकल स्टोर से महंगी दवाएं दीं, जिसकी रसीद तक नहीं दी गई। इलाज का भारी बिल बनाने पर जब वकील नरेंद्र साहू ने अपनी बहू और पोती को डिस्चार्ज करने के लिए कहा, तो अस्पताल प्रबंधक और स्टाफ ने उन्हें बंधक बना लिया। बच्ची और बहू से मिलने नहीं दिया गया और जान से मारने की धमकी दी गई। मनमाना बिल वसूलने के बाद 28 नवंबर को उन्हें डिस्चार्ज किया गया।
पुलिस अधिकारियों से शिकायत की, फिर नहीं हुई कार्रवाई
नरेंद्र ने बताया कि उन्होंने 10 दिसंबर को आरोपियों के खिलाफ बाजारखाला थाने में तहरीर दी थी। कोई सुनवाई न होने पर आईजीआरएस किया। कमिश्नर से शिकायत की। आरोप है कि इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। इंस्पेक्टर बृजेश सिंह ने बताया कि आईजीआरएस पर 14 जनवरी को रिपोर्ट लग कर चली गई थी। उसके बाद पीड़ित को उपभोक्ता फोरम में शिकायत करने की सलाह दी गई थी। फिलहाल केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जाएगी।
नरेंद्र साहू के अनुसार, 10 दिसंबर को बाजारखाला थाने में आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी थी। कोई सुनवाई न होने पर उन्होंने आईजीआरएस और कमिश्नर से भी शिकायत की। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं की गई। इंस्पेक्टर बृजेश सिंह ने बताया कि आईजीआरएस पर 14 जनवरी को रिपोर्ट लगाकर पीड़ित को उपभोक्ता फोरम में शिकायत करने की सलाह दी गई थी। फिलहाल, रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है, जांच की जाएगी।
बाजारखाला थाने में प्रदर्शन करते अधिवक्ता।