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बैरिकेडिंग तोड़ राजभवन पहुंचे कई जिलों से आए अधिवक्ता, मांगों को लेकर किया प्रदर्शन

Tue, 12 Feb 2019 09:36 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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वकीलों ने किया प्रदर्शन - फोटो : amar ujala
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कई जिलों से जुटे अधिवक्ताओं ने राजभवन का घेराव कर प्रदर्शन किया। वे अधिवक्ताओं के कल्याण की कई मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। पहले वे जीपीओ स्थित गांधी प्रतिमा के पास जुटे थे फिर अधिवक्ताओं ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और राजभवन पहुंच गए। वहां सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान प्रदर्शनकारी वकीलों ने कई बार सड़क जाम करने की कोशिश की। हालांकि पुलिस ने उन्हें समझा कर सड़क से हटा दिया।

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बार काउंसिल ऑफ इंडिया के निर्देश पर अवध बार एसोसिएशन, लखनऊ बार एसोसिएशन, सेंट्रल बार एसोसिएशन, सेल्स टैक्स बार एसोसिएशन लखनऊ, फैजाबाद, गोरखपुर, जौनपुर, गोंडा एसोसिएशन के बैनर तले काफी संख्या में अधिवक्ता पुराना हाईकोर्ट चौराहे से मार्च की शक्ल में हजरतगंज चौराहे पर एकत्र हुए। यातायात बाधित होने पर पुलिस ने उन्हें जीपीओ स्थित गांधी प्रतिमा के समक्ष उन्हें भेज दिया। करीब एक घंटा तक नारेबाजी करने के बाद अचानक अधिवक्ताओं के एक ग्रुप ने बैरिकेडिंग गिरा कर राजभवन भवन की ओर कूच कर दिया। काफी संख्या में अधिवक्ताओं ने राजभवन के बाहर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। 

प्रदर्शनकारी अधिवक्ता राज्यपाल से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपने की मांग कर रहे थे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने राजभवन के सामने की सड़क को कई बार जाम करने की कोशिश की। राजभवन में राज्यपाल मौजूद न होने की वजह से अधिकारियों ने उनके सचिव से वकीलों की मुलाकात कराई। प्रदर्शनकारियों में शामिल सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष आदेश कुमार सिंह व महासचिव संजीव पांडेय ने कहा कि सरकार देश की सभी बार एसोसिएशन को पर्याप्त भवन, अधिवक्ताओं के बैठने के लिए चैम्बर उपलब्ध कराये। लखनऊ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील कुमार सिकरवार ने कहा कि तमाम ट्रिब्यूनल, आयोग, फोरम में न्यायिक अधिकारियों व सेवानिवृत्त न्यायाधीश के बजाए अधिवक्ताओं की नियुक्ति की जानी चाहिए। प्रदर्शनकारियों में मुख्य रूप से आशीष त्रिवेदी, अजीत सिंह, हरीश चौरसिया, अमरेश पाल सिंह, ध्रुव कुमार सिंह, शिशिर चतुर्वेदी, सौरभ सिंह गहलौत, सुरेश पांडेय, राजेन्द्र कुमार शर्मा मौजूद रहे।

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राजभवन जाने के लिए भिड़े रहे अधिवक्ता

गोंडा सहित अन्य जिलों से आए अधिवक्ता राजभवन के भीतर जाने के लिए काफी देर तक आपस में ही भिड़े रहे। वह अपने हाथों से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपना चाह रहे थे। हालांकि पुलिस व जिला प्रशासन के अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से राजभवन के अंदर जाने के लिए10 नाम देने को कहा था। इस पर वकील अपना-अपना नाम देने की होड़ में आपस में ही भिड़े रहे। जिन वकीलों के नाम सूची में शामिल नही हो पाए उन्होंने अपनी नाराजगी जताने के लिए सड़क जाम कर प्रदर्शन करने की कोशिश लेकिन अधिकारियों ने उन्हें समझा कर शांत कराया।


ये हैं इनकी मांगें
  • अधिवक्ताओं के लिए लाइब्रेरी, ई लाइब्रेरी
  • पुरुष व महिला अधिवक्ताओं व पक्षकारों के कल्याण के लिए 5000 करोड़ वार्षिक बजट
  • नए वकीलों को पांच साल तक 10 हजार रूपये मासिक मानदेय
  • असमय मौत पर आर्थिक सुरक्षा व्यवस्था
  • सस्ते दाम पर आावसीय भूखंड
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