गोंडा सहित अन्य जिलों से आए अधिवक्ता राजभवन के भीतर जाने के लिए काफी देर तक आपस में ही भिड़े रहे। वह अपने हाथों से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपना चाह रहे थे। हालांकि पुलिस व जिला प्रशासन के अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से राजभवन के अंदर जाने के लिए10 नाम देने को कहा था। इस पर वकील अपना-अपना नाम देने की होड़ में आपस में ही भिड़े रहे। जिन वकीलों के नाम सूची में शामिल नही हो पाए उन्होंने अपनी नाराजगी जताने के लिए सड़क जाम कर प्रदर्शन करने की कोशिश लेकिन अधिकारियों ने उन्हें समझा कर शांत कराया।
ये हैं इनकी मांगें
- अधिवक्ताओं के लिए लाइब्रेरी, ई लाइब्रेरी
- पुरुष व महिला अधिवक्ताओं व पक्षकारों के कल्याण के लिए 5000 करोड़ वार्षिक बजट
- नए वकीलों को पांच साल तक 10 हजार रूपये मासिक मानदेय
- असमय मौत पर आर्थिक सुरक्षा व्यवस्था
- सस्ते दाम पर आावसीय भूखंड