रायबरेली। अधिवक्ता संशोधन विधेयक के विरोध में अधिवक्ताओं ने जिलेभर में प्रदर्शन किया। केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर आक्रोश जाहिर किया। शहर में कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन और सेंट्रल बार एसोसिएशन की तरफ से जोरदार प्रदर्शन किया गया। कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन के दौरान वकीलों की पुलिस से नोकझोंक भी हुई।
कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और वकीलों ने प्रदर्शन के दौरान विकास भवन से डिग्री कॉलेज रोड को आधे घंटे तक जाम कर दिया। जिस कारण वाहनों को दूसरे रूट से निकलना पड़ा। चौराहे पर मौजूद पुलिस को हंगामा शांत कराने में मशक्कत करनी पड़ी। वकीलों के प्रदर्शन से अदालत का कामकाज प्रभावित रहा।
उप्र बार काउंसिल के निर्देश पर सेंट्रल बार एसोसिएशन ने दीवानी कचहरी में बिल के खिलाफ प्रदर्शन किया। सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कमलेश चंद्र पांडेय व महामंत्री अमरेंद्र सिंह की अगुवाई में अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रस्तावित संशोधन वापस लेने की मांग की। दीवानी कचहरी गेट के बाहर प्रदर्शन करने के बाद अधिवक्ताओं का हुजूम कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचा, जहां वकील धरने पर बैठ गए।
अधिवक्ताओं की नारेबाजी व प्रदर्शन के दौरान डीएम कार्यालय के सामने पुलिस व अधिवक्ताओं के बीच धक्कामुक्की हुई। कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन ने विकास भवन से लेकर डिग्री कॉलेज रोड तक प्रदर्शन किया। वकीलों के प्रदर्शन से उप निबंधन कार्यालय में कोई रजिस्ट्री नहीं हुई। वकीलों ने केंद्र सरकार को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट राम औतार को दिया। इस मौके पर अध्यक्ष सुशील कुमार श्रीवास्तव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष पदम कुमार श्रीवास्तव, महामंत्री रामेंद्र सिंह, बीरेंद्र आदि वकील मौजूद रहे।
महराजगंज प्रतिनिधि के अनुसार मंगलवार को तहसील के वकीलों ने काली पट्टी बांधकर कार्य बहिष्कार करते हुए तहसील परिसर में जमकर नारेबाजी की। इस मौके पर अध्यक्ष देवी प्रसाद, वरिष्ठ अधिवक्ता विद्या सागर अवस्थी विजय शंकर अवस्थी भूपेश मिश्रा, सत्य प्रकाश मिश्रा, शैलेंद्र सिंह, रणविजय सिंह, राधेश्याम सरोज गौतम आदि मौजूद रहे।
सलोन में तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष लालता प्रसाद यादव की अगुवाई में अधिवक्ताओं ने सलोन तहसील चौराहे से ग्राम न्यायालय तक पैदल मार्च निकाला। ऊंचाहार में मंगलवार सुबह तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश चंद्र उपाध्याय के नेतृत्व में लामबंद हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
अध्यक्ष राकेश चंद्र उपाध्याय ने कहा कि सरकार काला कानून लाकर वकीलों के पैर में बेड़ी डालना चाह रही है। इस मौके पर अधिवक्ता दीपेंद्र सिंह, महेश द्विवेदी, कृष्णा अग्रहरि, श्याम बाबू, शिवजी मौजूद रहे।