लखनऊ के बख्शी का तालाब के गांव मामपुर बाना में थाने से चंद कदम की दूरी पर सोमवार को जमीन का सीमाकंन कराने पहुंची एसडीएम ज्योत्सना यादव व नायब तहसीलदार से वकील व उसके समर्थकों ने बदसुलूकी की। ज्योत्सना ने बताया कि वकील की पत्नी ने उनका हाथ मरोड़ा और कहा कि तुम कितनी बड़ी एसडीएम हो तुम्हें कोर्ट में देख लेंगे।
हमले के इरादे से हाथापाई की कोशिश की और एसडीएम का मोबाइल फोन भी छीन लिया। बीच-बचाव की कोशिश में दो महिला पुलिसकर्मियों को चोट भी आई है। एसडीएम की तहरीर पर वकील समेत तीन लोगों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने, मारपीट व लूट की कोशिश की धाराओं में मामला दर्ज करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
मामपुर बाना में जिस जमीन को लेकर वकील अवधेश द्विवेदी, सोमशेखर दीक्षित व अन्य लोगों के बीच कई वर्षों से विवाद चल रहा है, उस जमीन की पैमाइश कई बार कराई जा चुकी है। दोनों पक्षों के इन पैमाइश व जांच से संतुष्ट न होने के कारण एक बार फिर से एसडीएम की मौजूदगी में सीमांकन का निर्देश डीएम ने दिया था।
हाथापाई पर उतारू हुआ वकील
सीमांकन के लिए पहुंची एसडीएम ज्योत्सना यादव
डीएम कौशल राज शर्मा के निर्देश पर एसडीएम नायब तहसीलदार बीकेटी शैलेन्द्र सिंह, नायब तहसीलदार इटौंजा निखिल कुमार शुक्ला के साथ राजस्व कर्मियों की टीम लेकर पहुंची। सीमांकन शुरू होते ही वकील अवधेश कुमार द्विवेदी अपने परिवारीजनों और समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया।
हंगामा करने से रोकने पर आरोपी वकील ने एसडीएम ज्योत्सना यादव से अभद्रता शुरू कर उनका मोबाइल छीन लिया। हाथापाई पर उतारू वकील को बमुश्किल मौजूद पुलिस कर्मियों ने नियंत्रित किया।
इस दौरान बीच बचाव की कोशिश कर रहे एसएसआई गिरीश चंद्र पांडेय को भी वकील ने धक्का देकर गिरा दिया। सीमांकन कार्य को बीच में ही छोड़कर एसडीएम के निर्देश पर पुलिस हंगामा कर रहे वकील को पत्नी पुत्र व समर्थक सहित पकड़ कर थाने ले आईं। बाद में एसडीएम की तहरीर पर तीनों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
सुल्तानपुर जिले का हत्या आरोपी है वकील
ज्योत्सना यादवा
इंस्पेक्टर उदयवीर सिंह ने बताया कि आरोपी वकील अवधेश कुमार द्विवेदी सुल्तानपुर जिले में कई सालों पहले हुई एक हत्या के मामले में आरोपी है। उसे हाईकोर्ट से जमानत मिली है। वह कुछ सालों से मामपुर बाना में जमीन खरीदकर रह रहा है। इसे लेकर उसका कई लोगों से विवाद भी चल रहा है।
अभद्रता करने के आरोपी वकील अवधेश कुमार द्विवेदी का कहना है कि एसडीएम के नेतृत्व में सीमांकन को पहुंची राजस्व टीम बिना किसी पूर्व नोटिस के आई थी। जबरन दबाव बना कर सीमांकन की कोशिश की गई। दूसरी तरफ लखनऊ बार एसोसिएशन के महामंत्री जीतेंद्र सिंह यादव ‘जीतू’ ने महिला प्रशासनिक अधिकारी के साथ एक वकील द्वारा जानबूझ कर किए गए अभद्र आचरण की निंदा की है।