लखनऊ। लविवि ने विधि पाठ्यक्रमों की परीक्षा प्रणाली में बदलाव किया है। अब आंतरिक मूल्यांकन के अंक 10 से 25 कर दिए गए हैं। लिखित परीक्षा 90 से घटाकर 75 अंकों की होगी। नया पैटर्न त्रिवर्षीय और पंचवर्षीय विधि पाठ्यक्रमों के अध्यादेशों 2021-22 और 2025-26 पर लागू होगा।
विधि अध्ययन मंडल और संकाय परिषद की 26 मई को हुई बैठक में यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हुआ। कुलपति जेपी सैनी ने कहा कि इस बदलाव से छात्रों के व्यावहारिक ज्ञान और शोध-प्रवृत्ति को बढ़ावा मिलेगा। यह पैटर्न बीसीआई के मानकों के अनुरूप छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए सक्षम बनाएगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति विधि पाठ्यक्रमों को छोड़कर सभी स्नातक और परास्नातक पाठ्यक्रमों में पहले ही लागू है।
छात्रों को हर सेमेस्टर में न्यूनतम 45 फीसदी अंक लाने होंगे। बैक पेपर और अगली कक्षा में प्रोन्नत होने के नियमों में भी राहत दी गई है। पहले और दूसरे सेमेस्टर के कुल 12 प्रश्नपत्रों में से छह में उत्तीर्ण होने पर छात्र को तीसरे सेमेस्टर में प्रोन्नत किया जाएगा।