लखनऊ। शहर के एकमात्र स्वायत्त महाविद्यालय नेशनल पीजी कॉलेज में जल्द ही विधि और कृषि की पढ़ाई शुरू होगी। सोमवार को कॉलेज में प्रबंधक सांसद उज्ज्वल रमण सिंह की अध्यक्षता हुई में हुई गवर्निंग काउंसिल की बैठक में इस प्रस्ताव को अनुमोदन दिया गया। अब महाविद्यालय प्रस्ताव बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) को भेजेगा। दोनों संस्थानों से स्वीकृति मिलते ही कॉलेज इनकी कक्षाएं शुरू कर देगा।
नेशनल पीजी कॉलेज को स्वायत्त होने के नाते सभी तरह के अकादमिक निर्णय लेने की शक्ति प्राप्त है। इसके तहत वह परिसर में कोई भी कोर्स शुरू कर सकता है, जबकि जरूरत के अनुसार, उसमें कोर्स कंटेंट (पाठ्य सामग्री) घटा या बढ़ा सकता है। कॉलेज प्रश्न पत्र तैयार करवाने के साथ ही परीक्षाएं भी स्वयं ही आयोजित करता है। गवर्निंग काउंसिल में कॉलेज में बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन (बीपीएड) कोर्स भी शुरू करने की अनुमति दी गई है। अभी इसमें परास्नातक स्तर पर एमपीएड कोर्स संचालित है।
चंद्रावल स्थित परिसर में शुरू होंगे कोर्स
दोनों ही नए संकायों की स्थापना महाविद्यालय के चंद्रावल में प्रस्तावित परिसर में की जाएगी। 15 एकड़ के इस परिसर के लिए भूमि आंवटित हो चुकी है। इस पर निर्माण के लिए मानचित्र स्वीकृति के लिए भेजा गया है।
महाविद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और विद्यार्थी केंद्रित शिक्षण का अभिनव प्रयोग कर रहा है। कॉलेज प्रशासन राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के क्रम में विद्यार्थियों को रोजगार आधारित शिक्षा देने के लिए प्रयासरत है। इसी क्रम में कॉलेज में दो नए संकायों की स्थापना होने जा रही है।
- प्रो. देवेंद्र सिंह, प्राचार्य, नेशनल पीजी कॉलेज