वरिष्ठ साहित्यकार की चार पुस्तकों का लोकार्पण
लखनऊ। वरिष्ठ साहित्यकार नीलम राकेश की चार पुस्तकों का लोकार्पण रविवार शाम हजरतगंज स्थित यूपी प्रेस क्लब में किया गया। इनमें बाल उपन्यास ‘जासूस चारु’, बाल कहानी संग्रह ‘फुदकू का नववर्ष’, कहानी संग्रह ‘मैं डोरमैट नहीं हूं!’ और चित्र कथा ‘चिड़िया रंग-रंगीली’ शामिल हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. सूर्यकुमार पांडेय ने कहा कि नीलम राकेश की रचनाएं बच्चों के मन के बेहद करीब होती हैं। कार्यक्रम का शुभारंभ अलका अस्थाना की स्वरचित वाणी वंदना से हुआ। मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ. विद्या विंदु सिंह और विशिष्ट अतिथि हिंदी संस्थान की प्रधान संपादक डॉ. अमिता दुबे रहीं। वरिष्ठ साहित्यकार संजीव जायसवाल ‘संजय’ ने बाल उपन्यास ‘जासूस चारु’ को लेखिका की श्रेष्ठ कृतियों में शामिल बताया। डॉ. करुणा पांडे ने बाल कहानी संग्रह ‘फुदकू का नववर्ष’ को मनोरंजन के साथ चरित्र निर्माण में सहायक बताया, जबकि डॉ. अंजना मिश्रा ने कहानी संग्रह ‘मैं डोर मैट नहीं हूँ!’ को सामाजिक सरोकारों से जुड़ी महत्वपूर्ण कृति बताया। संचालन अलका प्रमोद ने किया।