रायबरेली। जिले से होकर गुजरने वाली तीन ट्रेनें रविवार को अलग-अलग स्टेशनों पर देर तक रोकी गईं। इनमें एक ट्रेन को कोच लगाने के लिए रोका गया तो दो ट्रेनों को दूसरी गाड़ियों को पास कराने के लिए रुकना पड़ा। नीलांचल एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों के देर से आने के कारण यात्रियों को इंतजार करना पड़ा।
रविवार को बनारस से देहरादून जाने वाली जनता मेल रायबरेली स्टेशन पर करीब 15 मिनट खड़ी रही। इस ट्रेन में आरडीएसओ का एक कोच जोड़कर लखनऊ भेजा गया। बनारस से देहरादून जाने वाली जनता मेल हरचंदपुर में करीब 20 मिनट खड़ी रही। यह ट्रेन तीन घंटे लेट थी, जिसकी लेटलतीफी बढ़ गई।
अमृतसर से हावड़ा जाने वाली पंजाब मेल को पास कराने के लिए जनता मेल रोकी गई। पंजाब मेल आधे घंटे देर से आई। सिंगरौली से टनकपुर जाने वाली त्रिवेणी एक्सप्रेस हरचंदपुर और बछरावां के बीच करीब पौन घंटे रुकी रही। प्रतापगढ़ से कानपुर जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस को पास कराया गया। त्रिवेणी की लेटलतीफी बढ़कर एक घंटे हो गई, वहीं इंटरसिटी आधे घंटे लेट रही। स्टेशन अधीक्षक रवि रंजन ने बताया कि परिचालन कारणों से कुछ ट्रेनें प्रभावित हुईं, जबकि बाकी ज्यादातर ट्रेनें पिछले स्टेशनों से लेट रहीं।
ट्रेनों के देर से आने से यात्री परेशान
आनंद विहार-पुरी नीलांचल एक्सप्रेस लगभग चार घंटे, लखनऊ-प्रयागराज पैसेंजर सवा तीन घंटे, टनकपुर-शक्ति नगर त्रिवेणी एक्सप्रेस सवा दो घंटे, दिल्ली-प्रतापगढ़ पद्मावत एक्सप्रेस ढाई घंटे देरी से आई। प्रयागराज-लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस व सहारनपुर-प्रयागराज नौचंदी एक्सप्रेस लगभग एक घंटे, लखनऊ-वाराणसी इंटरसिटी एक्सप्रेस पौन घंटे और प्रयागराज-लखनऊ गंगा गोमती एक्सप्रेस आधे घंटे विलंब से पहुंची।
नई दिल्ली से बनारस जाने वाली काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस सवा नौ घंटे लेट होने के कारण रविवार को सुबह आई। शनिवार रात प्रयागराज-सहारनपुर नौचंदी एक्सप्रेस सवा दो घंटे, बरेली-प्रयागराज एक्सप्रेस दो घंटे, प्रयागराज-लखनऊ पैसेंजर डेढ़ घंटे, कानपुर-प्रतापगढ़ इंटरसिटी एक्सप्रेस एक घंटे विलंब से आई। ट्रेनों की लेटलतीफी से यात्रियों को प्लेटफार्म पर इधर-उधर टहल कर समय बिताना पड़ा। देर से ही सही, ट्रेनें पहुंची तो यात्रियों को राहत मिली।