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सहायक अध्यापक नियुक्ति के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 8 अक्तूबर

Wed, 07 Oct 2020 09:43 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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माध्यमिकशिक्षा विभाग के राजकीय विद्यालयों में सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन 8 अक्तूबर तक किए जाएंगे। सात अक्तूबर तक विभिन्न विषयों के 3317 चयनित अभ्यर्थियों में से 3020 अभ्यर्थियों ने नियुक्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन किया।
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विभाग के स्कूलों में सहायक अध्यापकों के 10768 पदों पर भर्ती के लिए लोक सेवा आयोग की ओर से चयन किया गया है। आयोग ने विभिन्न विषयों के 3317 पदों पर चयनित अभ्यर्थियों की सूची विभाग को सौंपी है। विभाग ने पहली बार ऑनलाइन नियुक्ति की प्रक्रिया अपनाते हुए चयनित अभ्यर्थियों से 8 अक्तूबर तक ऑनलाइन आवेदन मांगे हैं। नियुक्ति के लिए विभिन्न श्रेणी के अभ्यर्थियों को वरीयता भी दी जा रही है। 12 अक्तूबर तक अभ्यर्थियों की ओर से नियुक्ति में वरीयता के लिए प्रस्तुत प्रमाण पत्रों का सत्यापन किया जाएगा। 16 अक्तूबर को ऑनलाइन नियुक्ति आदेश जारी किया जाएगा।

तीन विषयों के चयनित अभ्यर्थियों को नवंबर में मिलेगी नियुक्ति
माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारी ने बताया कि लोक सेवा आयोग ने अभी सामाजिक अध्ययन और कला विषय के चयनित अभ्यर्थियों की सूची विभाग को नहीं सौंपी है। वहीं हिन्दी विषय के चयनित अभ्यर्थियों की सूची भी ऑनलाइन नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होने के बाद मिली है। उन्होंने बताया कि हिन्दी, सामाजिक अध्ययन और कला विषय के चयनित अभ्यर्थियों को नवंबर तक नियुक्ति मिलेगी।
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आगामी चुनावों में वित्तविहीन स्कूल के शिक्षकों की होगी बड़ी भूमिका

प्रदेश में विधान परिषद की शिक्षक क्षेत्र की छह सीटों पर जल्द चुनाव होना है। चुनाव में वित्तविहीन स्कूलों के शिक्षकों को भी मताधिकार दिया गया है। ऐसे में चुनावी बाजी भाजपा के पक्ष में पलटने में इन शिक्षकों की बड़ी भूमिका होगी। ऐसे में सरकार कोरोना संकट में इन शिक्षकों को साधने के लिए उन्हें आर्थिक सहायता देने का प्रयास कर रही है।

इस आर्थिक मदद से आगामी पंचायत चुनाव में भी ऐसे शिक्षण संस्थाओं के प्रबंधन और शिक्षकों को भी लुभाने की कोशिश हो रही है। इससे पहले सपा सरकार में वित्तविहीन शिक्षकों को एक हजार रुपये प्रति माह दिया जाता था। योगी सरकार ने उसे 2017 में बंद कर दिया था। इससे वित्तविहीन शिक्षकों में नाराजगी है। अब सरकार सपा सरकार से अधिक मानदेय देकर नाराजगी को दूर कर विधानसभा चुनाव 2022 में बड़े वोट बैंक को साधना चाहती है।
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