फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोड वर्ड्स से खुला उड़ी आतंकी हमले का राज, जानिए किसकी थी साजिश

Thu, 09 Feb 2017 12:32 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
डेमो प‌िक
विज्ञापन
जम्मू कश्मीर के उड़ी में सेना के कैंप पर हुए आतंकी हमले में लश्कर ए तैयबा का हाथ होने की पुष्टि हुई है। 18 सितंबर को हुए इस हमले में सेना के 17 जवान शहीद हो गए थे। सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए चार आतंकवादियों को मार गिराया था और उनके पास से भारी मात्रा में विस्फोटक, असलहे और अन्य सामान बरामद किए थे। 
विज्ञापन


पूरे मामले की जांच राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनआईए) कर रही है। सेना कैंप पर हमले की जांच करने के लिए लखनऊ से भी एनआईए की एक टीम उड़ी भेजी गई थी। सूत्रों की मानें तो अभी तक की जांच में इस बात की पुष्टि हो गई है कि हमले के पीछे पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन लश्कर ए तैयबा था। 

जांच में शामिल एनआईए के एक सूत्र ने बताया कि आतंकियों की भाषा को जब डिकोड किया गया तो सामने आया कि यह लश्कर ए तैयबा का कोड वर्ड था। जिसमें अंग्रेजी के अलग अलग अक्षरों को स्थान और समय बताने के लिए प्रयोग किया जा रहा था। 
विज्ञापन


वहीं जो सामान बरामद किए गए थे उनकी भी पड़ताल की गई तो पता चला कि संबंधित ड्राईफ्रूट और दूसरे सामान के जो पैकेट मिले वह पहले भी लश्कर के आतंकियों के पास से मिल चुके हैं। घटना स्थल से सेना ने एके 47, विस्फोटक, शॉल, ड्राइ फ्रूट्स और कई अन्य सामान बरामद किए गए थे। 
Trending Videos
विज्ञापन

पाकिस्तान में छपा पोस्टर भी हाथ लगा

डेमो प‌िक
एनआईए के सूत्रों का कहना है कि लश्कर के शामिल होने के और भी सुबूत मिले हैं। इसमें पाकिस्तान के गुजरावालां में आतंकियों द्वारा छापा गया एक पोस्टर भी मिला है जिसपर लश्कर ने उड़ी हमले को अंजाम देने की बात कही है। 

यह पोस्टर भी एनआईए के कब्जे में है। उक्त अधिकारी ने बताया कि जिस कोड वर्ड को डिकोड किया गया है, वह लश्कर का ही है। अलग अलग आतंकवादी संगठन अलग अलग कोड वर्ड का इस्तेमाल करते हैं, एक दूसरे संगठनों के कोड वर्ड कभी भी एक जैसे नहीं हो सकते। 

बताया यह भी जा रहा है कि कश्मीर में मौसम खराब होने की वजह से जांच में काफी अड़चनें आ रही थीं। आतंकवादियों ने कौन सा रास्ता इस्तेमाल किया था, और किस किस की मदद से वहां तक पहुंचे थे, इसकी जांच भी चल रही है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें