लखनऊ। दिल की बीमारी बढ़ रही है। कम उम्र के लोगों को हार्ट अटैक आ रहा है। खून की नसों में रुकावट के मामले देखने को मिल रहे हैं। लेजर विधि से खून की नसों की रुकावट को दूर किया जा सकता है। इसके लिए केजीएमयू का लारी कॉर्डियोलॉजी विभाग पांच करोड़ रुपये की मशीन खरीद रहा है। कई मामलों में लेजर से इलाज के बाद स्टेंट लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
लारी कॉर्डियोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. ऋषि सेठी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। केजीएमयू में दिल की बीमारी व उसके इलाज पर देश-विदेश के विशेषज्ञ मंथन करेंगे। डॉ. ऋषि सेठी व आयोजक सचिव डॉ. अक्षय प्रधान ने लारी में हुई प्रेसवार्ता में यह जानकारी दी। डॉ. अक्षय प्रधान ने बताया कि कॉर्डियोलॉजी सोसाइटी ऑफ इंडिया की ओर से कॉर्डिकॉन-2026 का आयोजन केजीएमयू के अटल बिहारी वाजपेयी सांइटिफिक कन्वेंशन सेंटर में 13 व 14 फरवरी को होगा। इसका शुभारंभ डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक करेंगे। कार्यक्रम में गर्भावस्था के दौरान होने वाली दिल की बीमारियों पर भी चर्चा होगी।
रोजाना 10 से 12 हजार कदम चलें
डॉ. गौरव चौधरी ने बताया कि डायबिटीज, किडनी, ब्लड प्रेशर और मोटापे से दिल की बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। इससे बचने के लिए नियमित व्यायाम करें। रोजाना कम से कम 10 से 12 हजार कदम चलें।
डॉ. अखिल शर्मा ने बताया कि जीवनशैली में सुधार कर दिल की बीमारी से बचा सकता है। खाने की तली-भुनी चीजों से परहेज करें और आरामतलबी को छोड़ें।