विद्युत सुरक्षा के सहायक निदेशक रहे पीके निगम की ओर से 24 जून 2016 को जारी एनओसी।
लखनऊ। अलीगंज के कोचिंग सेंटर अग्निकांड में विद्युत सुरक्षा निदेशालय के तीन सहायक निदेशकों की बड़ी चूक उजागर हुई है। निदेशालय ने करीब 10 वर्ष पहले वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला को 20 किलोवाट लोड के लिए एनओसी जारी किया था। निदेशालय को हर तीन वर्ष पर एनओसी का नवीनीकरण करना था, मगर नहीं किया।
सुरक्षा निदेशालय के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि लखनऊ जोन के सहायक निदेशक पीके निगम ने 24 जून 2016 को उपभोक्ता वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला के एसएस-102 सेक्टर-डी अलीगंज के पते पर 20 किलोवाट के व्यावसायिक कनेक्शन के लिए एनओसी को जारी किया था। एनओसी में पीके निगम की तरफ से लिखा गया था कि कनेक्शन स्थल का निरीक्षण करने पर भारतीय विद्युत अधिनियम के सभी नियमों का आवेदक की ओर से पालन करना पाया गया।
तीन बार होना चाहिए था नवीनीकरण
इस एनओसी का नवीनीकरण 24 जून 2019, 24 जून 2022 और 24 जून 2025 से पहले किया जाना था। विद्युत सुरक्षा निदेशालय के जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण ऐसा नहीं हुआ। जिम्मेदारों ने भी इसकी सुध नहीं ली। यह भी पता करना जरूरी नहीं समझा कि एनओसी लेने वाले ने दोबारा नवीनीकरण क्यों नहीं कराया।
निदेशालय में तैनात रहे सहायक निदेशक
पीके निगम : 2016-2019
विजय कुमार राव : 2019-2022
सुनील कुमार : 2022-2026
आलोक कुमार शुक्ला : मई 2026 से अब तक