बलरामपुर अस्पताल प्रशासन ने लेप्रोस्कोपिक सर्जरी पर रोक लगा दी है। किराए की मशीन से दूरबीन विधि द्वारा मरीजों की सर्जरी करने में शुल्क वसूलने का आरोप था।
जांच कमेटी ने प्रथम चरण में शिकायतों को सही पाया है। जांच पूरी होने तक लेप्रोस्कोपिक सर्जरी नहीं होगी। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. डीएस नेगी के मुताबिक, कमेटी अभी जांच कर रही है। पूरी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
मालूम हो कि बलरामपुर अस्पताल में लेप्रोस्कोपिक मशीन न होने के बाद भी किराए की मशीन मंगाकर मरीजों की सर्जरी की गई थी। आरोप है कि मरीजों से दस हजार व उससे भी अधिक रुपये वसूले गए।
मुख्यमंत्री से शिकायत के बाद मामले की जांच के आदेश दिए गए थे। जांच कमेटी ने पाया कि अस्पताल में सरकारी नियम को ताक पर रखकर किराए पर उपकरण माना गलत बताया है।
अब जांच में कुछ अफसरों की गर्दन फंसती जा रही है। जांच में पता चला कि शासन को सूचना दिए बगैर सरकारी नियमों में बदलाव कर यह खेल किया गया है।