लखनऊ। ठाकुरगंज में मकान मालकिन की अभद्रता से आहत होकर श्याम बाबू मिश्र (24) ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। वह अयोध्या के थरिया कला के रहने वाले थे और छह माह पहले गुलाला घाट के पास किराये के मकान में रहने आए थे।
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श्याम बाबू की पत्नी सीमा के अनुसार, वे एक वर्षीय बेटी के साथ रहते थे। श्याम बाबू पेंटिंग का काम करते थे। मकान मालकिन ने दो हजार रुपये प्रति माह पर कमरा दिया था। 24 अप्रैल को श्याम बाबू ने 800 रुपये दिए थे, शेष 1200 रुपये जल्द देने की बात कही। इसके बाद सोमवार शाम को मकान मालकिन ने शेष किराया मांगा और दो दिन की मोहलत मांगने पर हंगामा शुरू कर दिया। उसने कमरा बंद करने की धमकी भी दी। हंगामा होता देख आसपास के लोग वहां एकत्र हो गए। सीमा का आरोप है कि पड़ोसियों के सामने ही मकान मालकिन ने श्याम बाबू की बेइज्जती की। इससे आहत होकर श्याम बाबू ने पंखे से दुपट्टे के सहारे फंदा लगा लिया।
भाग निकले पड़ोसी, राहगीर ने की मदद
पति को फंदे से लटका देख सीमा ने शोर मचाकर लोगों से मदद मांगी, लेकिन पड़ोसी वहां से भाग निकले। सीमा की गुहार पर राहगीर राजू ने दरवाजा तोड़कर श्याम बाबू को फंदे से नीचे उतारा और ट्रॉमा सेंटर ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। एसीपी चौक राजकुमार सिंह ने बताया कि परिजनों ने कोई तहरीर नहीं दी है। तहरीर मिलने पर छानबीन की जाएगी।