उप आवास आयुक्त पल्लवी मिश्रा ने बताया कि आईटी के लिए चार बार निविदा निकाली गई मगर कोई खरीदार नहीं आया। ऐसे में जमीन की कीमत को बोर्ड ने कम कर दिया है। उप आवास आयुक्त चंदन पटेल ने बताया कि आईटी सिटी योजना में आवासीय जमीन का रेट अभी करीब 38 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर है। डेढ़ गुना पर यह करीब 58 हजार रुपये प्रतिवर्ग मीटर हो जा रही थी, जिसे अब कम किया गया है।
नई गणना नीति से अब पुरानी योजनाओं की उन संपत्तियों की कीमत करीब 25 प्रतिशत तक कम हो जाएगी जो कई वर्षों से बिक नहीं रहीं थी। इसके लिए पहले संपत्तियों को निष्प्रयोज्य घोषित किया जाएगा उसके बाद उसके रेट कम किए जाएंगे। जो नई योजनाओं आ रही हैं, उनमें कई तरह का जो अतिरिक्त शुल्क लिया जाता था उसको कम किया जाएगा। उसमें पार्क फेसिंग भूखंड पर लगने वाले अतिरिक्त शुल्क को कम करके 10 की बजाए 05 प्रतिशत कर दिया गया है। सेंटेज को भी 20 से घटाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया है। अन्य मदों में कमी आएगी। इससे जमीन की कीमतों में करीब 25 प्रतिशत तक कम हो जाएंगी।
ई नीलामी में बदलाव, नहीं बढ़ेंगी हर बार कीमत
परिषद ने उन संपत्तियों के मामले में नियम सरल किया जो बोली में उच्च कीमत आने के बाद बिक नहीं रहीं थी। उप आवास आयुक्त पल्लवी ने बताया कि कई बार लोग ई नीलामी में संपत्तियों की बोली इतनी अधिक लगा देते हैं और खरीदते नहीं हैं। ऐसे में वह फंसा देते थे। यह संपत्तियों जब पिछली बोली के आधार पर दोबारा नीलामी में लगाई जाती थीं तो फिर उतनी बोली आती नहीं थी। ऐसे में यह सपंत्तियां बिक नहीं पा रही हैं।
लखनऊ, कानपुर सहित अन्य शहरों में करीब 50 संपत्तियों फंसी हैं। अब बोर्ड ने यह तय किया है कि दो बार और नीलामी लगाने के बाद यदि पुरानी कीमत नहीं आई तो फिर कीमत को परिषद के रेट के आधार पर नीलामी में लगाया जाएगा।
यह भी प्रस्ताव किए गए पास
- मुरादाबाद नगर निगम कार्यालय भवन निर्माण के लिए ग्रुप हाउसिंग के भूखंड का संस्थागत में परिवर्तन।
- सब्सिडीयरी इंटेलीजेंस ब्यूरो को भवन निर्माण के लिए मझोला योजना मुरादाबाद में ग्रपु हाउसिंग के भूखंड पर कार्यालय निर्माण हेतु सहमति।
- प्रतापगढ़ आवासीय योजना के लिए जमीन किसानों से अपासी सहमति से खरीदी जाएगी और डीएम सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा दिया जाएगा।
- विकास शुल्क निर्धारण के प्रस्ताव पर समिति बनाई गई है वह परीक्षण करेगी उसके बाद बोर्ड में लाया जाएगा।
- आवास विकास परिषद के कर्मचारियों को 01 जुलाई 2025 से 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जाएगा।