पहले भी हुआ है विवाद
बीती एक जुलाई को भी भारत-नेपाल सीमा पर मोहाना नदी घाट की जमीन को जोतने को लेकर दुधवा नेशनल पार्क की बनकटी वन विभाग की टीम और कजरिया गांव की वन समिति के लोगों के बीच झड़प हो गई। जो मारपीट में बदल गई। वनकर्मियों ने कई हवाई फायर किए जिसके बाद समिति के लोगों की भीड़ कम हुई। मामले में दोनों पक्षों की तरफ से रिपोर्ट भी गौरीफंटा कोतवाली पुलिस थाने में दर्ज कराई गई थी।
विधायक से भी हो चुकी है तनातनी
डीडी मनोज सोनकर से विधायक रोमी साहनी की ठन चुकी है। विधायक भी डीडी के खिलाफ मुख्यमंत्री, वन मंत्री समेत उच्चाधिकारियों को लिखित शिकायत कर चुके
हैं। साथ ही गरीबों लोगों के शोषण का आरोप भी डीडी पर लगा चुके हैं। कटरूआ क्षेत्र के फूल बीनने वालों से वसूली का आरोप भी डीडी पर विधायक लगाते रहे हैं।
यह गरीब परिवार को न्याय मिला है। जिसके लिए नवागत एसपी धन्यवाद के पात्र हैं। जिन्होंने एक गरीब महिला के दुख को जानकर रिपोर्ट दर्ज कराई है।
रोमी साहनी, विधायक, पलिया
जिस महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई है वह महिला वहां पर मौजूद ही नहीं थी। स्थानीय स्तर पर दबाव डालकर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। जिस जंगल के कोर एरिया में आग जलाकर वहां पर जानवर चराए जा रहे थे वन्य जीव एक्ट के तहत उस पर तो कार्रवाई की ही जाएगी। फिलहाल किसी भी अधिकारी से बिना बात किए या जानकारी में डालकर रिपोर्ट दर्ज करना भी दुर्भाग्यपूर्ण है।
मनोज कुमार सोनकर, डिप्टी डायरेक्टर, दुधवा नेशनल पार्क
गौरीफंटा कोतवाली में डीडी दुधवा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले में जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
कुलदीप कुकरेती, सीओ पलिया