मामला संज्ञान में आते ही बीएसए ने 24 मार्च को उसका मानदेय बाधित करते हुए नोटिस जारी कर एक सप्ताह में सभी मूल अभिलेखों के साथ कार्यालय में उपस्थित होने को कहा। बावजूद इसके वह लॉकडाउन के बहाने उपस्थित नहीं हुई।
उधर, मामला तूल पकड़ने व छह जून को कासगंज में गिरफ्तारी होने से पहले कथित अनामिका ने (सही नाम प्रिया जाधव) डीसी बालिका शिक्षा के मोबाइल पर अपना त्यागपत्र भेज दिया।
त्यागपत्र मिलने व अनामिका के गिरफ्तार होने की जानकारी सामने आते ही बीएसए ने शिक्षिका को पद से बर्खास्त करने के साथ ही उससे अब तक लिए गए मानदेय की रिकवरी कराने का आदेश दिया है साथ ही डीसी बालिका शिक्षा को शिक्षिका के खिलाफ अमेठी थाने में तहरीर देने का निर्देश दिया। डीसी बालिका शिक्षा की ओर से तहरीर मिलते ही अमेठी थाने की पुलिस ने शिक्षिका के खिलाफ केस दर्ज करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।