केजीएमयू के पल्मोनरी विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. संतोष कुमार पर निजी प्रैक्टिस कर रही एक महिला डॉक्टर ने छेड़छाड़ और पति को बंधक बनाने का आरोप लगाया है। उसकी तहरीर पर गुडंबा पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
महिला डॉक्टर ने बताया कि डॉ. संतोष कुमार उनके साथ पढ़ाई करते थे। केजीएमयू वह अपनी मां को दिखाने आईं तो इसी दौरान उनसे मुलाकात हुई थी। महिला डॉक्टर के मुताबिक, आरोपी ने उसको फेसबुक पर दोस्ती का निमंत्रण दिया था। जिसे उसने कुबूल किया।
महिला डॉक्टर के मुताबिक, एक दिन जब वह अपनी मां को लेकर पल्मोनरी विभाग आईं तो डॉ. संतोष मिले। कुछ देर की बातचीत के बाद उन्होंने छेड़खानी शुरू कर दी। विरोध किया तो वह धमकाने लगे। इस वारदात के बाद महिला चिकित्सक ने उनसे बातचीत बंद कर दी।
इस बात से नाराज होकर सोशल मीडिया पर लगातार आपत्तिजनक टिप्पणी पोस्ट करने लगे। यह भी आरोप लगाया कि एक दिन जब उनके पति केजीएमयू गए तो डॉ. संतोष ने अपने सहयोगियों के साथ उन्हें बंधक बना लिया। इस वारदात की शिकायत पति ने केजीएमयू के प्रशासन से की।
पैथोलॉजी चलाने वालों का विरोध करने पर रची गई साजिश
- फोटो : डेमो
जिस पर पांच अक्तूबर को संतोष कुमार ने मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. शंखवार के सामने अपनी गलती भी कुबूल की, लेकिन इसके बाद पति को फर्जी मुकदमें में फंसाने की धमकी दी। महिला चिकित्सक ने एसएसपी से मिलकर पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद गुडंबा थाने में केस दर्ज कराया। प्रभारी निरीक्षक तेजप्रकाश सिंह के मुताबिक, पीड़िता की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
महिला चिकित्सक के आरोप निराधार हैं। केजीएमयू में पैथोलॉजी चलाने वालों का विरोध करने पर मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है। गलत काम का विरोध करने पर साजिश रची जा रही है। एक गिरोह मेरे खिलाफ प्रयागराज से लखनऊ तक मुकदमें दर्ज करवा रहा है। हर स्तर पर जांच के लिए तैयार हैं। पुलिस की जांच में हकीकत सामने आएगी। - प्रो. संतोष कुमार, केजीएमयू, पल्मोनरी विभाग