बहू सीमा का आरोप है कि सुबह नौ बजे न्यूरोलॉजी की ओपीडी में दिखाया। यहां से मेडिसिन की ओपीडी भेज दिया गया। साढ़े ग्यारह बजे मेडिसिन ओपीडी में नंबर आया। यहां डॉक्टर ने बेहोश मंजू को खून की जांच लिख दी। ओपीडी में मरीज की हालत गंभीर हो गई। तीमारदारों ने ओपीडी के बाहर स्ट्रेचर लगाया।
वहीं कानपुर के निजी अस्पताल में लगाई गई ड्रिप की बोतल पेड़ पर टांगकर दवा चढ़ाई। ट्रॉमा-न्यूरोलॉजी विभाग में मरीज को भर्ती न लेने पर तीमारदारों ने मरीज को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। जहां पर उसकी हालत गंभीर बनी है। उधर, इस बारे में प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह का कहना है कि बिना प्राथमिक उपचार मरीज को लौटाया नहीं जाता है।