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सीतापुर व गोंडा में मिली संवासिनियों की लोकेशन

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लखनऊ। नाका के मोतीनगर इलाके में स्थित राजकीय बालगृह बालिका से भागीं पांच संवासिनियों में से दो की लोकेशन पुलिस ने खंगाल ली है। दोनों की लोकेशन सीतापुर व गोंडा में मिली है। पुलिस टीम उनकी तलाश में दोनों जिलों में डेरा डाले हुए है। वहीं सुल्तानपुर, उन्नाव और हरदोई की संवासिनियों के घर भी पुलिस पहुंची। परिवारीजनों से पूछताछ कर लौट आई लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लगा।
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नाका के मोतीनगर स्थित राजकीय बालगृह बालिका से रविवार तड़के तीन बजे पांच संवासिनियां दीवार फांदकर भाग गई थीं। अधीक्षिका ने देर रात तैनात सात कर्मचारियों के खिलाफ लापरवाही का आरोप लगाते हुए नाका थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। रविवार देर रात दो संवासिनियों की लोकेशन सीतापुर व गोंडा में मिली। दो टीमें दोनों जिलों क े लिए रवाना हो गईं जो सोमवार देर शाम तक वहां डेरा डाले हुए थीं। उधर, पुलिस की तीन टीमें सुल्तानपुर, उन्नाव व हरदोई की संवासिनियों की तलाश में उनके घर पहुंचीं जहां परिवारीजनों से पूछताछ के बाद लौट आईं। उनकी लोकेशन अभी तक नहीं मिली है।
अपने दोस्तों के संपर्क में है संवासिनी
प्रभारी निरीक्षक नाका मनोज कुमार मिश्रा के मुताबिक, पांचाें संवासिनियों के पिता ने उनके मित्रों के खिलाफ पाक्सो सहित कई अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। जून के आखिरी सप्ताह में पुलिस ने इनको बरामद किया। इसके बाद राजकीय बालगृह बालिका में रखा था। वहां से भागने केबाद देर शाम अपने दोस्तों के संपर्क में आई थीं। उनकी भी तलाश की जा रही है। लोकेशन मिलने पर टीमें भेजी गई हैं। जल्द ही संवासिनियों को बरामद कर लिया जाएगा।
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लोकेशन मिलने के कुछ देर बाद बंद हो गया मोबाइल
पुलिस के मुताबिक, रात को दो संवासिनियों में से एक की लोकेशन सीतापुर व दूसरी की गोंडा में मिली थी। पुलिस टीम सीतापुर गई थी। वहां पता चला कि संवासिनी अपने घर पर गई थी पर पुलिस के पहुंचने की जानकारी होने से वहां से भाग गई। इसके बाद जिस मोबाइल से संपर्क किया था, उसे बंद कर दिया। वहीं दूसरी टीम गोंडा गई थी। वह संवासिनी की तलाश में जुटी है। पुलिस के मुताबिक, सभी संवासिनियों की फोटो व डिटेल आसपास के सभी जिलों को भेज दी गई हैं।
बालगृह की दीवार ऊंची करने का निर्देश
लखनऊ। राजकीय बालगृह (बालिका) मोतीनगर से पांच संवासिनी केफरार होने के दूसरे दिन भी उनका कोई सुराग नहीं लगा। वहीं सोमवार सुबह से ही मंत्री समेत अधिकारियों व बाल कल्याण समिति के सदस्यों का आना जाना लगा रहा। अधीक्षिका मिथिलेश पाल का कहना है कि लड़कियों के परिवार वालों से बात की गई है, वे वहां नहीं पहुंची हैं, पुलिस अपना काम कर रही है।
वहीं महिला कल्याण एवं बाल विकास राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार स्वाति सिंह सोमवार शाम निरीक्षण के लिए पहुंचीं और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए। उनसे पहले प्रमुख सचिव महिला कल्याण वी हेकाली झिमोमी ने बालगृह पहुंच कर हालात का जायजा लिया। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष कुलदीप रंजन, सदस्य डॉॅ. संगीता शर्मा व वीके श्रीवास्तव ने बालगृह पहुंचकर वहां रहने वाली लड़कियों से बात की। समिति की टीम ने बताया कि पॉक्सो एक्ट और देखरेख के लिए रखी गई लड़कियों को एक साथ नहीं रखा जा सकता है। वहां सभी एक साथ रह रही हैं, सबसे पहले तो उन्हें अलग-अलग कमरों में शिफ्ट करने को कहा गया है। साथ ही दीवार तोड़कर ऊंची करने और बेसिन तोड़ने को कहा गया है। डॉ. संगीता शर्मा ने कहा कि पहले हुई घटनाओं के बाद दीवार को ऊंचा करने और बेसिन को तोड़ने का निर्देश दिया गया था। एक बार फिर उसी आदेश को दोहराया गया है।
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