चीनी मिल मजदूर संघर्ष समिति ने शुगर इंडस्ट्री में वेज रिवीजन न होने पर आरपार की लड़ाई लड़ने का फैसला किया है। मिल मजदूरों ने वेतन पुनरीक्षण समिति की बैठकें न होने और मिलों में अघोषित तालाबंदी पर रोष जताया।
संघर्ष समिति की बैठक रविवार को विधानसभा मार्ग स्थित सीटू कार्यालय में केएन भट्ट की अध्यक्षता में हुई।
श्रमिक संगठनों से जुड़े प्रतिनिधियों का कहना था कि संघर्ष समिति के आंदोलन के दबाव में पिछले साल चीनी उद्योग में वेतन पुनरीक्षण के लिए कमेटी का गठन किया गया था।
इस कमेटी को तीन माह में रिपोर्ट देनी थी। लेकिन, मिल मालिकों के नकारात्मक रुख से एक साल बाद भी कोई काम नहीं हुआ।
कमेटी की बैठकें नहीं हुईं और अगली बैठक की तारीख तय नहीं की गई। प्रदेश सरकार का रवैया मजदूर विरोधी है। तय हुआ कि 19 अक्तूबर को चीनी मिलों के सभी मजदूर संगठनों की बैठक बुलाकर आंदोलन की रूपरेखा तय होगी।