गोमतीनगर के निर्माणाधीन जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र (जेपीएनआईसी) के स्वीमिंग पुल के पास शुक्रवार सुबह बृजेंद्र कुमार (25) का शव संदिग्ध हालात में फंदे से लटकता मिला। वह केंद्र में ही मजदूरी करता था।
करीब सवा दो घंटे तक सिक्योरिटी सुपरवाइजर मामले को दबाने में जुटा रहा। कुछ मजदूरों ने हंगामा किया तो पुलिस को फोन किया गया। बकौल पुलिस, मजदूर ने खुदकुशी की है। जबकि पत्नी ने हत्या का आरोप लगाया है।
आत्महत्या दिखाने के लिए फंदे से शव लटका दिया गया। मालूम हो कि जेपीएनआईसी के निर्माण का काम शालीमार कॉर्प को दिया गया है।
एसओ गोमतीनगर अम्बर सिंह ने बताया कि लखीमपुर खीरी के भानपुर थानाक्षेत्र के भनवापुर निवासी गोबरे का बेटा बृजेंद्र कुमार निर्माणाधीन जेपीएनआईसी में सालभर से मजदूरी कर रहा था।
परिसर में ही बने झुग्गी बस्ती में वह पत्नी आरती, बेटी मोहनी व बेटे गौतम संग रहता था। पत्नी के मुताबिक, बृहस्पतिवार रात करीब आठ बजे बृजेंद्र खाना खाने के बाद कुछ देर में लौटने की बात कहकर जरूरी काम से निकला था।
सुबह करीब नौ बजे साथी मजदूरों ने उसका शव जेपीएनआईसी के स्वीमिंग पुल के पास बन रहे गलियारे के लोहे के पाइप से लटकता देखा। मजदूरों ने पत्नी आरती व ठेकेदार विजय को सूचना दी।
आरती ने बताया कि करीब सवा दो घंटे तक ठेकेदार विजय व सिक्योरिटी सुपरवाइजर महेंद्र मामले को दबाने में जुटा रहा। कुछ मजदूरों ने हंगामा किया तो सवा ग्यारह बजे पुलिस कंट्रोल रूम को फोन किया गया।
15 मिनट बाद पुलिस पहुंची तो उसे मौके पर जाने से रोक दिया गया। जब एसओ ने फटकारा तब ठेकेदार व सुपरवाइजर दोपहर करीब 12:45 पर पुलिस को घटनास्थल पर ले गए। बकौल पुलिस, शव को पहले ही फंदे से उतारा जा चुका था।
एसओ ने बताया कि बृजेंद्र के गले में मफलर लपेटा हुआ था। उसमें गांठ बनी थी। आसपास जांच की गई, लेकिन कोई ऐसा सुराग नहीं मिला, जिससे किसी अन्य के होने की पुष्टि हो।