लखनऊ। काकोरी उपकेंद्र में अर्थिंग के लिए खोदे गए गड्ढे से ठाकुरगंज के फरीदीपुर निवासी मजदूर दीपांशु (22) पाइप निकाल रहा था। इसी दौरान पाइप ऊपर से गुजर रही 33 केवीए की लाइन से टकरा गया, जिससे दीपांशु के दोनों हाथ झुलस गए।
घटना तीन जून की है। डॉक्टरों ने शुक्रवार को केजीएमयू में भर्ती दीपांशु का बायां हाथ काट दिया। डॉक्टरों ने बताया कि जल्द ही दूसरा हाथ भी काटना होगा।
दीपांशु के पिता प्रवेश कुमार ने शनिवार को ठेकेदार विम्मा व राज बाबू पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए ठाकुरगंज थाने में तहरीर दी है। उनका आरोप है कि शटडाउन के बगैर बिजली ठेकेदारों ने उनके बेटे को बोरिंग के काम में लगा दिया। हादसे के बाद परिजनों को सूचना दिए बगैर आरोपी एक सप्ताह तक दुबग्गा स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज कराते रहे और उसकी हालत बिगड़ती गई।
सूचना पाकर अस्पताल पहुंचे प्रवेश ने दीपांशु को बृहस्पतिवार को केजीएमयू में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि उसके दोनों हाथ काटने पड़ेंगे। प्रवेश ने बताया कि दोनों ठेकेदार गायब हैं और फोन भी नहीं उठा रहे। इंस्पेक्टर श्रीकांत राय ने बताया की मामला काकोरी थाने का है।