प्रदेश में कोरोना मरीजों को भर्ती के लिए त्रिस्तरीय व्यवस्था की गई है। इसके तहत प्रदेश में कुल 503 कोविड अस्पतालों को लेवल (एल)-1, एल-2 और एल-3 में बांटा गया है। इनमें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, स्कूल, कॉलेज, इंस्टीट्यूट, मेडिकल कॉलेज और चिकित्सा संस्थान शामिल हैं। वर्तमान में 13 ऐसे जिले हैं, जहां सिर्फ एल-1 के कोविड अस्पताल हैं।
यहां सामान्य पॉजिटिव मरीजों को भर्ती किया जाता है। पर, मरीजों की हालत बिगड़ने पर उन्हें इलाज के लिए उन जिलों में भेजना पड़ता है, जहां एल-2 के कोविड अस्पताल हैं। हालांकि संक्रमण बढ़ने के बाद अब प्रदेश के सभी जिलों में एल-2 के कोविड अस्पताल बनाने की कवायद शुरू हो गई है।
वहीं, 12 जिलों में एल-2 के साथ ही एल-3 के कोविड अस्पताल नहीं है। जबकि कुल 22 जिले ऐसे हैं, जहां एल-3 स्तर के अस्पताल नहीं हैं। अगर यहां कोई अति गंभीर मरीज आए तो इलाज के लिए उसे नजदीक के ऐसे जिले में रेफर करना होगा, जहां लेवल थ्री के अस्पताल हैं। बांदा, आजमगढ़, अयोध्या, बस्ती, झांसी, इटावा, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर के मेडिकल कॉलेजों में एल-3 इलाज की सुविधा है। यहां एल-2 अस्पताल नहीं है। जबकि दावा किया जा रहा है कि दोनों तरह के इलाज की सुविधा मेडिकल कॉलेज उपलब्ध करा रहा है।
एल-1, एल-2 और एल-3 के कोविड अस्पतालों में ये हैं फर्क
एल-1 के कोविड अस्पताल में सामान्य पॉजिटिव मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। एल-2 में ऐसे मरीज भर्ती किए जा रहे हैं, जिनकी स्थिति कुछ गंभीर और उन्हें ऑक्सीजन की जरूरत है। यहां 10 बेड का आईसीयू बनाया गया है। जबकि एल-3 में अति गंभीर मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। इन मरीजों को वेंटिलेटर सपोर्ट की जरूरत है।
इन 13 जिलों में सिर्फ एल-1 इलाज की सुविधा
सिद्धार्थनगर, कासगंज, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, श्रावस्ती, बलरामपुर, कुशीनगर, ललितपुर, फर्रुखाबाद, रायबरेली, गाजीपुर और मैनपुरी।
इन जिलों में नहीं है एल-3 के अस्पताल
बहराइच, गोंडा, महाराजगंज, देवरिया, जालौन, लखीमपुर, बुलंदशहर, बागपत, हापुड़, रामपुर, संभल, बिजनौर, अमरोहा, कौशांबी, प्रतापगढ़, फतेहपुर, शामली, मिर्जापुर, भदोही, सोनभद्र, चंदौली और जौनपुर।
अधिकारी कर रहे डेढ़ लाख बेड का दावा
चिकित्सा स्वास्थ्य महानिदेशालय की आधिकारिक वेबसाइट पर तीनों श्रेणी के कोविड अस्पतालों में कुल 1,01,236 लाख बेड की व्यवस्था दिखाई जा रही है। इनमें एल-1 के 403 अस्पतालों में 72934 बेड, एल-2 के 75 अस्पतालों में 16212 और एल-3 के 25 अस्पतालों में 12090 बेड की व्यवस्था है। जबकि अधिकारी कुल डेढ़ लाख बेड का दावा कर रहे हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 50 हजार बेड और बढ़ाने की घोषणा कर दी है।
जिन जिलों में एल-2 के कोविड अस्पताल नहीं हैं, वहां इसकी व्यवस्था की जा रही है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से मानव संसाधन की कमी जरूरत के अनुसार पूरी की जा रही है। एल-2 के अस्पताल में 10 बेड का आईसीयू की व्यवस्था जा रही है। जहां हाई फ्लो नोजल कैनुला और बाइपेप की व्यवस्था की गई है। - डॉ. डीएस नेगी, महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य