फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आर संस के मालिक की 1.24 करोड़ की संपत्ति कुर्क

विज्ञापन
विज्ञापन
लखनऊ। कमिश्नरेट पुलिस ने बडे़ जालसाज बिल्डर आर संस के मालिक आशीष श्रीवास्तव की 1.24 करोड़ की संपत्ति बृहस्पतिवार को कुर्क कर दी। पुलिस के मुताबिक जालसाज के खिलाफ गोमतीनगर, गाजीपुर और इंदिरानगर में 98 मुकदमे दर्ज हैं। उसने जमीन व प्लॉट देने केनाम पर करीब तीन हजार लोगों से तकरीबन एक हजार करोड़ रुपये ठगे हैं। उसके खिलाफ गैंगस्टर की भी कार्रवाई की जा चुकी है।
विज्ञापन

प्रभारी निरीक्षक गोमतीनगर धीरज कुमार के मुताबिक, बाराबंकी के सत्यप्रेमीनगर का रहने वाले आशीष श्रीवास्तव ने आर संस इंफ्रालैंड डवलपर्स प्रा. लि. नाम से कंपनी बनाई जिसका कार्यालय गोमतीनगर थाना क्षेत्र में खोला। आशीष ने बीकेटी, मोहनलालगंज, चिनहट, गोसाईंगंज व पीजीआई इलाके में जमीन व प्लॉट का कारोबार शुरू किया। जमीन व प्लॉट दिलाने के लिए लुभावनी योजनाएं बताईं। उसके झांसे में आए हजारों लोगों ने प्लॉट व जमीन की बुकिंग कराई। इनके जरिए उसने एक हजार करोड़ से अधिक की रकम हड़प ली। इसके बाद कंपनी बंद कर फरार हो गया। पीड़ितों ने उसके खिलाफ गोमतीनगर, गाजीपुर व इंदिरानगर थाने में केस दर्ज कराए। पुलिस ने जालसाज बिल्डर आशीष श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। ि
पत्नी व साले के नाम भी थी संपत्ति
पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर जिस संपत्ति की कुर्की की गई उसमें बाराबंकी के देवा स्थित हडौरी में आशीष व उसकी पत्नी सुषमा के नाम से दर्ज 75.60 लाख रुपये की जमीन है। इसके अलावा देवा के ही बस्ती में 11.88 लाख की जमीन, माधोपुर में 21.25 लाख की जमीन, तिंदौला में आशीष के साले सुशील श्रीवास्तव के नाम पर दर्ज 6.60 लाख की जमीन, एक टाटा सफारी, भाई अंकुर श्रीवास्तव के नाम दर्ज बोलेरो शामिल है। यह सारी संपत्ति आशीष श्रीवास्तव ने आर संस इंफ्रालैंड डवलपर्स के नाम से ठगी कर अर्जित की है जिसकी कुल कीमत 1,24,83,200 रुपये है।
विज्ञापन

बाराबंकी में शुरू किया था ठगी का काला कारोबार
पुलिस के मुताबिक, आशीष श्रीवास्तव ने ठगी के काले कारोबार की शुरूआत बाराबंकी से की थी। उसने रविंद्रपल्ली योजना बनाकर लकी ड्रा के माध्यम से 16,000 रुपये की कीमत का प्लॉट देने का झांसा देकर लाखों की ठगी की थी। बाराबंकी में टॉप-10 भू-माफिया में भी उसका नाम दर्ज है। उसके गिरोह में पत्नी सुषमा, भाई अंकुर, साला सुशील, चालक रामसेवक रावत सहित करीब डेढ़ दर्जन लोग शामिल हैं। आर संस के मालिक व निदेशकों पर दर्ज 2019 केज्यादातर मुकदमों में पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। आर संस के खिलाफ सर्वाधिक 88 मामले गोमतीनगर थाने में दर्ज हैं। गाजीपुर में आठ, हसनगंज व इंदिरानगर में एक-एक मुकदमा दर्ज है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें