कुंदरकी सीट से भाजपा के रामवीर सिंह विजयी
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रामपुर प्रशासन पर भाजपा सरकार के इशारे पर मुसलमानों को मतदान न करने देने का आरोप लगाया था। पर, 65 प्रतिशत से अधिक मुस्लिम आबादी वाली कुंदरकी सीट पर 57 प्रतिशत मतदान मुस्लिमों को मतदान से रोकने के आरोपों को खारिज कर दिया है। 35 प्रतिशत हिंदुओं वाली सीट पर 57 प्रतिशत मतदान ने साफ कर दिया है कि मुस्लिमों ने बढ़चढ़कर वोट दिया है। यहा भी कहा जा रहा है कि मुस्लिम वोटों में बंटवारा हो गया। क्योंकि कुंदरकी में चुनाव लड़ रहे 12 उम्मीदवारों में भाजपा के प्रत्याशी रामवीर सिंह को छोड़कर शेष सभी मुस्लिम थे। वहीं, शेख व तुर्क में बंटे मुस्लिमों की वजह से भी सपा को नुकसान हुआ।
कुंदरकी विधानसभा उपचुनाव में सपा के प्रत्याशी रिजवान
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कुंदरकी में सपा को भाजपा ने उसी के दांव से चित कर दिया। लोकसभा चुनाव के बाद जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हरियाणा चुनाव के दौरान मुसलमानों में जातीय खांचों के मुद्दे को उठाया था।इसके बाद से ही भाजपा की तरफ से मुस्लिमों के बीच तुर्क बनाम राजपूत के मुद्दे को धार दी जा रही थी। उसने जहां हिंदुत्व के कार्ड के साथ ही मुस्लिमों के बीच उनकी जातीय प्रतिस्पर्धा को भी धार देने की नीति पर काम किया। कुंदरकी की जीत से स्पष्ट हुआ है कि भाजपा तुर्क बनाम राजपूत मुसलमान के मुद्दे को वह लोगों के बीच ले जाने में कामयाब रही।
मुस्लिम राजपूतों का वोट हासिल करने के लिए भाजपा ने एक और काम किया। इस सीट पर हिंदुत्व को बहुत ज्यादा धार देने के बजाए मुसलमानों को यह भरोसा दिलाने पर फोकस किया गया कि भाजपा उनकी दुश्मन नहीं है। जालीदार टोपी अरबी गमछा का भी भाजपा ने भरपूर इस्तेमाल किया। भाजपा उम्मीदवार ने मुस्लिम इलाकों में जालीदार टोपी और गले में अरबी गमछा डालकर लोगों से वोट मांगे । इसके अलावा रामपुर से सपा के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी और मुरादाबाद से सांसद रूचिवीरा के बीच की अनबन ने भी मुस्लिम वोटों में बंटवारा किया। जिसे रोकने में सपा नाकामयाब रही है ।