सीओ कुंडा जियाउल हक हत्याकांड में पूर्व मंत्री राजा भैया व अन्य को क्लीन चिट देते हुए सीबीआई द्वारा लगाई गई क्लोजर रिपोर्ट की प्रति सीओ की पत्नी को सौंप दी गई।
सीबीआई की विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रद्धा तिवारी ने मामले की सुनवाई के लिए 18 सितंबर की तारीख तय की है।
बलीपुर के प्रधान नन्हे यादव की हत्या के बाद सीओ कुंडा जियाउल हक की हत्या 2 मार्च को कर दी गई थी। इस मामले में तत्कालीन थानाध्यक्ष हथिगवां मनोज शुक्ला ने पहली रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इसी घटना को लेकर सीओ की पत्नी परवीन आजाद ने भी अगले दिन पूर्व मंत्री राजा भैया, गुलशन यादव, हरिओम श्रीवास्तव, रोहित सिंह तथा गुड्डू सिंह को आरोपी बनाकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
सीबीआई ने दोनों मामलों की विवेचना के बाद मनोज शुक्ला द्वारा दर्ज कराई रिपोर्ट पर एक नाबालिग सहित कुल 14 लोगों को आरोपी बनाकर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी।
वहीं, सीओ की पत्नी द्वारा लिखाई गई रिपोर्ट पर पूर्व मंत्री राजा भैया सहित अन्य आरोपियों को क्लीन चिट देते हुए गत एक अगस्त को क्लोजर रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल की गई थी। इस पर कोर्ट ने आपत्ति दाखिल करने के लिए परवीन आजाद को नोटिस जारी किया था।
परवीन ने कोर्ट में हाजिर होकर कहा था कि वह सीबीआई की विवेचना से संतुष्ट नहीं हैं, लिहाजा उन्हें सीबीआई द्वारा दाखिल क्लोजर रिपोर्ट व अन्य कागजात दिलाए जाएं ताकि वह आपत्ति दाखिल कर सके।
कोर्ट ने सीबीआई को निर्देश दिया था कि वह प्रपत्रों की नकल सीओ की पत्नी को उपलब्ध कराए। कोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने मंगलवार को परवीन आजाद को विवेचना से सम्बन्धित प्रपत्र सौंप दिए।