आम आदमी पार्टी भले ही खुद को परंपरागत पार्टियों से अलग साबित करने पर तुली हो, लेकिन व्यवहार में कोई फर्क नजर नहीं आ रहा है।
आप के नेता और राहुल को चुनौती देकर सुर्खियों में चल रहे कुमार विश्वास लखनऊ आ गए हैं।
वे भी बड़ी राजनीतिक पार्टियों की तर्ज पर व्यापारियों को जोड़ने की कवायद शुरू कर रहे हैं।
दिन में विश्वास पूरी राजधानी के करीब 700 व्यापारियों को अपने साथ जोड़ेंगे। इससे भाजपा, सपा, कांग्रेस और बसपा का तो नुकसान होगा, लेकिन आप पर भी कई सवाल खड़े होंगे।
सवाल उठने भी लगे हैं कि भीड़तंत्र से अलग और लकीर के फकीर वाली राजनीति को धता बताने वाली पार्टी भी आखिर उसी रास्ते पर क्यों चल रही है।
खबर है कि विश्वास के साथ पार्टी के नेता गोपाल राय और संजय सिंह भी लखनऊ में होने वाले इस बड़े सदस्यता अभियान में मौजूद रहेंगे।
पार्टी कार्यकर्ताओं की मानें तो शनिवार शाम तक हजारों की संख्या में लोग आम आदमी पार्टी का दामन थाम चुके होंगे।
ये बात अलग है कि उनका बैकग्राउंड कब और कैसे जांचा जाएगा।