मुलायम सिंह यादव के कथित धमकी वाले ऑडियो टेप की वजहो से विवादों में आए आईपीएस अधिकारी पर लगे आरोपों की जांच होनी है। अब यह तय हो गया है कि उन पर लगे आरोपों की जांच कौन करेगा?
आईपीएस अमिताभ ठाकुर पर लगे आरोपों की जांच पुलिस भर्ती और प्रोन्नति बोर्ड के डीजी वीके गुप्ता करेंगे। गृह विभाग ने इस बाबत आदेश जारी करते हुए प्राथमिकता के आधार पर जांच पूरी कर शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
साथ ही अमिताभ ठाकुर को जांच में पूर्ण सहयोग करने के लिए कहा है। हालांकि, ठाकुर ने अखिल भारतीय सेवा अनुशासन एवं अपील नियमावली के नियमों का हवाला देते हुए जांच अधिकारी की नियुक्ति को नियम विरुद्ध बताया है। उन्होंने कहा कि गृह विभाग के आदेश को कैट में चुनौती दी जाएगी।
निलंबित आईपीएस ठाकुर ने बताया कि सेवा नियमावली के नियम 8(4) के तहत किसी आईपीएस अफसर के खिलाफ जांच अधिकारी नियुक्त करने के पूर्व उसे कारण बताओ नोटिस दी जाती है और नियम 8(5) में उसका जवाब मिलने के बाद भी नियम 8(6) में जांच अधिकारी बनाया जाता है।
हालांकि, उनके मामले में नियमावली के विपरीत और द्वेषभावना से कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि 13 जुलाई को आरोपपत्र देने के अगले दिन यानि 14 जुलाई को उन्हें स्पष्टीकरण का मौका दिए बगैर गृह विभाग ने वीके गुप्ता को जांच अधिकारी नियुक्त कर तथा आईजी कार्मिक बीपी जोगदंड को प्रस्तुतकर्ता अधिकारी नामित कर जांच के आदेश दे दिए।