- इस वायरस का असर 5 से 14 दिन का होता है।
- सर्दी-जुखाम, बदन दर्द, सिर दर्द, उल्टी आना, पेद दर्द, खांसी आना, अचानक सांस फूलना, चक्कर आना, झटके आना
- बेहोशी आना, कोमा में जाना
क्या करें और क्या नहीं
- खाने की वस्तुएं चमगादड़ से संक्रमित न हों
- नारियल से बनने वाली चीजों से परहेज करें
- हाथ अच्छे से धोएं और बीमार मरीज से दूर रहें
- बीमार मरीज के बिस्तर व बर्तन, कपड़े अलग रखें
- बीमारी से मृत व्यक्ति के शव को छूने में सावधानी रखें
राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय, सदर में तैनात सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉ. जीएस तिवारी कहते हैं कि डर फैलाने से बचें। सर्दी-जुकाम को डेंगू की तरह निपाह वायरस का प्रकोप मानने की गलती न करें।
आमतौर पर यदि सर्दी-जुकाम-बुखार या किसी तरह की कोई दिक्कत ज्यादा दिन तक रहे तो डॉक्टर से संपर्क करें, उनकी सलाह मानें। व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखना जरूरी है। हाथ को धोते रहें और फल-सब्जियां ठीक तरीके से धोकर ही खाएं।