लखनऊ। महिला होमगार्ड की हत्या कर साक्ष्य छिपाने के आरोपी पिंटू रावत को दोषी ठहराया गया है। एडीजे जैनेंद्र कुमार पांडेय ने आजीवन कारावास व 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
सरकारी वकील ने कोर्ट में तर्क दिया कि वादी कृष्ण गोपाल अग्रवाल ने गाजीपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके मुताबिक 27 अप्रैल 2010 को उन्हें जानकारी मिली कि समद्दीपुर गांव की विमला देवी के घर महिला होमगार्ड लीला सिंह किराये पर रहती थीं। लीला के साथ मोहनलालगंज का पिंटू रावत अकसर रहता था। बताया गया कि पिंटू लीला के घर से एक बक्से में सामान लेकर जा रहा था। उससे तेज बदबू आ रही थी और पानी टपक रहा है। रिपोर्ट में आशंका जाहिर की गई कि पिंटू ने लीला की हत्या कर दी और उसके शव को ठिकाने लगाने के लिए ले जा रहा है। इस पर गांववालों ने पिंटू को रोककर पुलिस को सूचना दे दी थी।