रायबरेली। सराफा व्यवसायी शोभित कौशल का अपहरण होता है और फिर उसकी हत्या कर दी जाती है। इस हत्याकांड को लेकर लोगों में जहां आक्रोश है, वहीं सवाल भी कई हैं। खासकर सवाल इस बात का है कि पुलिस बूथ से चंद कदम दूरी पर एक व्यवसायी का अपहरण किया जाता है और फिर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी जाती है।
दुकान में लूट का प्रयास भी किया जाता है। आखिर इस दौरान पुलिस कहां थी और उसकी चौकसी क्या इसी तरह अक्सर रहती है। सवाल यहां कम नहीं होते हैं। एक आरोपी पकड़ भी लिया जाता है और उसके बाद भी व्यवसायी की जान नहीं बच पाती। यहां तक शव बरामद करने में भी पुलिस को दूसरी सुबह का इंतजार करना पड़ता है।
मृतक शोभित कौशल की ऊंचाहार कस्बे में एचडीएफसी बैंक के सामने दुकान है। 100 मीटर दूरी पर पुलिस सहायता बूथ और कुछ दूरी पर कोतवाली है, जहां हर समय पुलिस कर्मियों का जाना जाना रहता है। शुक्रवार को दोपहर दिनदहाड़े शोभित का अपहरण होता है और उसकी हत्या की जाती है। दुकान में लूट का प्रयास होता है। यदि समय रहते मृतक शोभित का पिता दुकान पर न पहुंच जाता तो सोने-चांदी के जेवरात भी लूट लिए जाते और यह घटना पुलिस की किरकिरी करा देती।
दोपहर करीब दो बजे पुलिस आरोपी धर्मेंद्र को पकड़ लेती है, लेकिन उससे व्यवसायी के बारे में कोई जानकारी नहीं ले पाती और उसका कत्ल कर दिया जाता है। सीओ डलमऊ अरुण कुमार नौहवार का कहना है कि अब तक की जांच में पुष्टि हो रही है कि आरोपियों ने अपहरण के तुरंत बाद ही व्यवसायी की हत्या कर दी थी। पहले धर्मेंद्र और फिर उसके साथी गुलाब को पकड़कर कड़ाई से पूछताछ की गई तो दोनों ने नहर किनारे झाड़ियों में शव फेंकने की बात स्वीकार की।
सराफा व्यवसायी बनाए जा रहे टारगेट
जिले में सराफा व्यवसायियों को टारगेट किया जा रहा है। लालगंज कोतवाली क्षेत्र के पूरे गुरदी मजरे कोरिहरा गांव निवासी एवं सराफा व्यवसायी हरिओम सोनी के साथ एक सितंबर को घटना हुई थी। लुटेरों ने हरिओम को गोली मार दी थी और उनसे 10 लाख कीमत के सोने-चांदी के जेवरात लूूट लिए थे। इस घटना का खुलासा अब तक नहीं हो सका है। अब ऊंचाहार में सराफा व्यवसायी की हत्या कर दी गई है। यह घटनाएं बताती हैं कि जिले में सराफा व्यवसायी किस तरह अपराधियों के टारगेट पर हैं।
आरोपियों पर हो सख्त कार्रवाई
जिले में आए दिन इस तरह की घटनाएं हो रही हैं, जो दुखद हैं। खासकर सराफा व्यवसायियों को निशाना बनाया जा रहा है। कभी उनके साथ लूट की जाती है तो कभी सराफा व्यवसायी की हत्या कर दी जाती है। ऐसे में जरूरी है कि सराफा व्यवसायियों को सुरक्षा दिलाई जाए और आरोपियों को चिन्हित कर सख्त कार्रवाई की जाए।
- बसंत बग्गा, व्यापारी नेता