राजाजीपुरम के सी ब्लॉक निवासी सिक्योरिटी गार्ड संतोष शुक्ला का बेटा व केजी का छात्र कन्हैया उर्फ कान्हा का बुधवार रात अपहरण हो गया। परिवारीजन रातभर खोजबीन करते रहे लेकिन उसका पता नहीं चला। बृहस्पतिवार सुबह किसी ने फोन कर बच्चे के अपहरण की सूचना देते हुए तीन लाख रुपये फिरौती मांगी तो हड़कंप मच गया।
पुलिस सक्रिय हुई तो 11 घंटे बाद कन्हैया बुद्धेश्वर चौराहा पर अपने सीतापुर के कौशलपुर निवासी मामा सतीश पांडे को लावारिस हालत में मिल गया। मामा सहित चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
मूलरूप से माल निवासी संतोष ने बताया कि वह एक प्रतिष्ठित रेस्टोरेंट में सिक्योरिटी गार्ड हैं और यहां पत्नी वंदना, मां विद्या, बेटी गौरी और बेटे कन्हैया के साथ रहते हैं। दो बेटे धीरज और नीरज गांव में ही रहते हैं। बीती रात करीब सवा नौ बजे उन्होंने कन्हैया को पास स्थित दुकान से गुटखा लाने के लिए भेजा था।
कन्हैया बिना सिमकार्ड का पुराना मोबाइल फोन लेकर घर से निकला और लौटकर नहीं आया। काफी देर बाद भी वह नहीं आया तो परिवारीजनों ने खोजबीन शुरू की। आसपास का इलाका खंगाल डाला पर कन्हैया का कुछ पता नहीं चला। देर रात संतोष तालकटोरा थाना पहुंचे और बेटे के गायब होने की सूचना दी।
सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से मिला सुराग
पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज निकलवाई तो रात 9.22 मिनट पर कन्हैया सड़क पर पैदल जाता हुआ दिखा। सुबह तक कन्हैया का सुराग नहीं मिला तो पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। इसी बीच 9.01 मिनट पर 7525072624 नंबर से उसके मोबाइल पर कॉल आई।
संतोष ने बताया कि कॉल करने वाले ने कहा कि बच्चा मेरे पास है। दो घंटे का टाइम दे रहे हैं। तीन लाख रुपये लाकर बुद्धेश्वर के पास रख देना। बच्चा वहीं मिल जाएगा। संतोष ने फोन करने वाले के बारे में पूछा लेकिन उसने कॉल डिसकनेक्ट कर दी। फिरौती की कॉल आते ही परिवारीजनों में रोना-पीटना मच गया।
संतोष स्थानीय पार्षद और पुलिस के साथ डीआईजी रेंज आरकेएस राठौर से मिलने पहुंचे। इस बीच लगभग डेढ़ घंटे फिर उसी नंबर से संतोष की पत्नी वंदना के मोबाइल फोन पर कॉल आई और वही बातें दोहराई गईं। डीआईजी से मिलकर संतोष तालकटोरा थाना चले गए जबकि अन्य परिवारीजनों ने बच्चे की तलाश में इधर-उधर पूछताछ शुरू कर दी।
करीब साढ़े 11 बजे बुद्धेश्वर चौराहा के पास संतोष के साले सतीश पांडे को कन्हैया लावारिस हालत में मिल गया। एसओ अशोक कुमार यादव ने बताया कि सतीश पांडे के साथ ही कन्हैया के दूर के रिश्ते के एक अन्य मामा धीरू सहित दो लोगों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। चारों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जिस नंबर से कॉल आई थी, उसके बारे में भी पता लगाया जा रहा है।
अंकल कार से एक घर ले गए, बिस्कुट खिलाया
मासूम कन्हैया काफी घबराया हुआ है। पूछताछ में वह अलग-अलग बातें बता रहा है। पुलिस ने उसके सामने घर-परिवार के कई लोगों को पेश किया। कभी कहता कि उसे मामा ले गए तो कभी किसी दूसरे की तरफ इशारा करने लगता।
उसने बताया कि गुटखा लेने निकला था तो किसी अंकल ने कार में बैठा लिया। अंकल एक मकान में ले गए जहां कुछ और अंकल थे। सबने उसे बिस्कुट खिलाए। कुछ देर बाद मां की याद आने पर वह रोने लगा।
घर ले चलने को कहा तो अंकल लोगों ने और बिस्कुट और टॉफी खाने को दिए। रात को मां नहीं मिली तो वह रोने लगा। रोते-रोते उसे नींद आ गई।
सुबह भी उसे मां-पापा और बहन कोई नहीं दिखा। वह बार-बार घर ले चलने की जिद कर रहा था। इस पर अंकल उसे सड़क पर छोड़कर चले गए। एसओ का कहना है कि बच्चा घबराहट में ठीक से कुछ बता नहीं पा रहा है।
गौरी के बर्थडे पर तो नहीं रची अपहरण की साजिश
संतोष ने बताया कि बीती 30 मई को बेटी गौरी के बर्थडे पर घर में पार्टी हुई थी। इसमें गांव से कई लोग आए थे। सीतापुर निवासी साला सतीश और ममेरा साला धीरू भी आया था। पार्टी के बाद दोनों घर पर ही रुक गए थे।
पुलिस का मानना है कि सतीश और धीरू ने ही पार्टी देखकर संतोष के पास तीन-चार लाख रुपये होने की संभावना पर अपहरण की साजिश रची। दोनों से पूछताछ की जा रही है। सतीश सीतापुर में ही कैटरिंग का काम करता है। पुलिस ने घर के पास स्थित एक सॉस फैक्ट्री के दो कर्मचारियों को भी हिरासत में लिया है। यह लोग पहले से सतीश को जानते हैं।
सीसीटीवी कैमरे में कार में बैठाते दिखे संदिग्ध लोग
पुलिस को एक और जगह पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज मिली है। इसमें संदिग्ध व्यक्ति कन्हैया को कार में बैठाते दिख रहा है। यह फुटेज धुंधली है इसलिए चेहरा व कद-काठी की पहचान नहीं हो पा रही है।
पुलिस सीसीटीवी फुटेज की छानबीन कर रही है। पुलिस का मानना है कि अपहरण रिश्तेदारों या किसी परिचित ने किया होगा। उसे उम्मीद नहीं होगी कि संतोष पुलिस से शिकायत करेगा। साथ रहकर उसने पुलिस की कार्रवाई देखी तो घबराकर बच्चे को चौराहा पर छोड़ दिया।