2017 में दिल्ली से लापता हुई रायबरेली की एक किशोरी (17) बांदा जिले के नरैली से मिली है। छह फरवरी को बांदा में आशा बहू की सूचना पर पहुंची पुलिस ने उसे मुक्त कराया। बांदा पुलिस से खबर पाकर पहुंची रायबरेली पुलिस उसे अपने साथ ले आई है। पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। वहीं आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जिले से एक पुलिस टीम बांदा रवाना हो गई है। पुलिस की मानें तो पूछताछ ने किशोरी ने बताया कि दिल्ली में आरोपी ने नशीला समोसा खिलाकर उसे बेसुध कर दिया फिर उसे अगवा कर बांदा ले आया। यहां अपनी बुआ के लड़के के साथ उसकी जबरन शादी करवा दी। इसके बाद दोनों भाइयों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। दोनों भाई उसे घर में कैद करके रखते थे।
रायबरेली जिले के भदोखर थाना क्षेत्र की किशोरी अप्रैल 2017 में पहले अपने पिता के साथ दिल्ली के संगम बिहार में रहने वाली बड़ी बहन के घर गई थी। इसी दौरान वह अचानक लापता हो गई थी। पिता ने उसकी खोजबीन की, लेकिन पता नहीं चला। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि जिस घर में आरोपी उसे बंधक बनाकर रखे थे, उसी घर के पड़ोस में एक आशा बहू रहती है। किसी तरह आशा बहू को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। जिसके बाद आशा बहू ने बांदा के पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर पूरी बात बताई। बांदा एसपी की सूचना पर पहुंची पुलिस ने उसे मुक्त कराया। लेकिन आरोपी मौके से भाग चुके थे। इसके बाद बांदा पहुंची रायबरेली पुलिस उसे अपने साथ यहां ले आई।
अपर पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि बांदा जिले में नरैनी निवासी भैरव विश्वकर्मा पीड़िता की बहन के घर के पड़ोस में रहता था। इस दौरान भैरव भी पड़ोसी होने के नाते उससे बातचीत करता था। किशोरी का भरोसा जीतकर भैरव ने उसे समोसे में नशीला पदार्थ मिलाकर खिला दिया। बेसुध होते ही उसे अगवा कर बांदा ले आया। यहां भैरव ने अपनी बुआ के लड़के लल्ला के साथ उसकी जबरन शादी करवा दी। इसके बाद दोनों उसके साथ दुष्कर्म करते रहे। विरोध करने पर आरोपी उसकी पिटाई भी करते थे। किशोरी को घर में ही कैद करके रखा जाता था। अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि लल्ला और भैरव के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। दोनों की गिरफ्तारी के लिए एक पुलिस टीम बांदा जिले के लिए रवाना कर दिया गया है। मामले में सख्त कार्रवाई होगी।