18 फीट ऊंची दीवारें और हर वक्त गार्ड रहने के बावजूद सात साल का एक बच्चा चौबीस घंटे से भी कम वक्त में दो बार प्राग नारायण रोड स्थित राजकीय बालगृह से भाग निकला।
यह बच्चा अपने घर तक का पता नहीं बता पा रहा था। बताया जा रहा है कि पहली बार भागने के कारण बच्चे की अधीक्षक ने पिटाई की थी। बालगृह का स्टाफ चारबाग स्टेशन और कैसरबाग बस स्टैंड पर पूरे दिन खाक छानता रहा लेकिन उसका पता नहीं चला।
हफ्ता भर पहले यह बच्चा रेलवे चाइल्ड लाइन मिला था। बाल गृह में रुकने को तैयार नहीं था और घर जाने की जिद कर रहा था। इसके बावजूद उसके माता-पिता को तलाशने में जिम्मेदारों ने दिलचस्पी नहीं दिखाई।
बुधवार को वह एक अन्य बच्चे संग भाग निकला। लेकिन तब वह पास ही राजकीय महिला शरणालय के स्टाफ के पास चला गया, जिन्होंने पूछताछ करके उसे फिर से बालगृह में लौटा दिया था। इसके बावजूद जिम्मेदारों की लापरवाही जारी रही और गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात फिर से भाग गया।
सीसीटीवी कैमरे लगे हैं
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बालगृह में सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं, इनकी जांच करने की जरूरत है ताकि समझा जा सके की बच्चा कैसे भागा। हालांकि उसकी पिटाई हुई यह इनमें रिकॉर्ड होने की बात से सूत्र इन्कार कर रहे हैं क्योंकि अधीक्षक के कमरे में कोई कैमरा नहीं लगाया गया है।
बच्चा कैसे गायब हो गया?
- वह बच्चा सुबह से गायब है। हमने उसे तलाशने की बहुत कोशिश की। चारबाग रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर भी स्टाफ ने तलाश किया। लेकिन वह नहीं मिला, कहीं पता नहीं चला।
पहले भी वह भागा है, इसके लिए आपने उसकी पिटाई की थी?
- नहीं मैंने उसकी पिटाई नहीं की है। यह झूठ है। वह पहले भागा था तो उसे तलाश लिया गया था।
फिर बच्चे ने 24 घंटे में दूसरी बार कैसे भागा?
- वह बहुत चंचल बच्चा है। ऐसे बच्चों को नियंत्रित करना मुश्किल होता है। दो दिन पहले भी भागा था। हम उसके घर का पता लगाने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन वह नहीं रुका। समझ नहीं आ रहा वह बाहर कैसे निकला।-हरीश श्रीवास्तव, अधीक्षक बालगृह