रशीद बारादरी में दास्तान फजले हक खैराबादी का आयोजन।
लखनऊ। ऐशबाग स्थित रशीद बारादरी में ''ऑल इंडिया इस्लामिक सेंटर'' की ओर से 1857 के क्रांतिकारी अल्लामा फजले हक खैराबादी के जीवन पर आधारित ''दास्तानगोई'' हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने किया। उन्होंने कहा कि देश की आजादी में उलेमाओं के योगदान, विशेषकर अल्लामा खैराबादी की ओर से अंग्रेजों के खिलाफ दिए गए ''जिहाद के फतवे'' को भुलाया नहीं जा सकता। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि देश की स्वतंत्रता में हर धर्म का साझा बलिदान है। अल्लामा खैराबादी ने देश में गोकसी पर प्रतिबंध लगवाया था, जो सांप्रदायिक सौहार्द की एक बड़ी मिसाल है। असगर मेहदी की लिखित इस दास्तान को कलाकार शहजाद रिजवी और फरजाना महदी ने से पेश किया। आयोजक डॉ. सुहेल वहीद ने बताया कि इसका उद्देश्य महान विभूतियों को याद करना रहा।
रशीद बारादरी में दास्तान फजले हक खैराबादी का आयोजन।