कर्मचारियों की रिटायरमेंट उम्र 58 से 60 साल करने के मामले में वित्त विभाग के दो सवालों ने खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग की उलझन बढ़ा दी है। इसके जवाब से ही कर्मचारियों का भविष्य तय हो जाएगा।
सूत्रों का कहना है कि खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग ने वित्त विभाग से पूछा था कि खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अधिकारियों व कर्मचारियों की रिटायरमेंट उम्र 58 मानी जाए या 60 साल।
अब वित्त विभाग ने इस विभाग से ही पूछ लिया है कि क्या बोर्ड के कर्मचारियों की रिटायरमेंट उम्र 58 से बढ़ाकर 60 वर्ष करने के संबंध में उसने अपने स्तर से कोई निर्णय किया है।
दूसरा क्या बोर्ड के कर्मचारी राज्य कर्मचारी माने जाएंगे, ऐसा कोई निर्णय हुआ है। वित्त विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि इस सवाल के जवाब से कर्मचारियों की स्थिति साफ हो जाएगी।
यदि खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग ने अपने स्तर से कोई फैसला किया है तो यह पता चल जाएगा। यदि उसने अपने स्तर से उम्र बढ़ाने का कोई निर्णय नहीं किया तो फिर इस सवाल का कोई औचित्य नहीं।
दूसरे खादी बोर्ड ने अपने कर्मचारियों को किस तरह राज्य कर्मियों के समान मान लिया, विभाग के जवाब से यह भी पता चल जाएगा।
वित्त विभाग पहले ही कर्मचारियों की उम्र 58 से 60 साल करने के फैसले को लागू करने के बाद कार्येत्तर स्वीकृति देने से इन्कार कर चुका है। विभाग में इस समय 61 कर्मचारी 58 साल की सेवा पूरी करने के बाद भी कार्यरत हैं।