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UP: अब पीजीआई की तरह केजीएमयू में भी मिलेगी इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी की सुविधा, जानें किस बीमारी में होगी प्रभावी

Tue, 29 Jul 2025 01:53 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

अब पीजीआई की तरह केजीएमयू में भी इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी की सुविधा मिलेगी। यह कैंसर और गुर्दे की पथरी के इलाज में प्रभावी होगी। आगे पढ़ें और जानें पूरा अपडेट...
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केजीएमयू - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजधानी लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में भी अब पीजीआई की तरह इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी की सुविधा मिलेगी। रेडियोडायग्नोसिस और न्यूरोलॉजी विशेषज्ञ विशेष ओटी में मरीजों का इलाज करेंगे। इसके लिए 18 करोड़ रुपये से हाइब्रिड ओटी बनाई जा रही है।

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केजीएमयू के प्रवक्ता प्रो. केके सिंह ने बताया कि संस्थान को प्रदेश सरकार से उपकरण मद में 300 करोड़ रुपये मिले हैं। इससे कई जरूरी और आधुनिक उपकरण खरीदे जा रहे हैं। इसी राशि में से 18 करोड़ रुपये हाइब्रिड ओटी के लिए निकाले गए हैं। इस ओटी में इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी के केस देखे जाएंगे।

जानें, क्या है इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी

इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी तेजी से विकसित हो रहा क्षेत्र है। कई मामलों में यह पारंपरिक सर्जरी का सुरक्षित और प्रभावी विकल्प हो सकता है। इसमें छोटे चीरे या पंचर के माध्यम से कैथेटर शरीर में डाला जाता है। इमेज गाइडेड तकनीक जैसे- एक्सरे, सीटी स्कैन, एमआरआई और अल्ट्रासाउंड की सहायता से शरीर के भीतर डाले गए कैथेटर को देखा जाता है। इससे धमनी की रुकावट, वैरिकोज नस, रक्त के थक्कों का उपचार किया जाता है। इसमें छोटा चीरा लगने से मरीज को अस्पताल में ज्यादा रुकना नहीं पड़ता है।

कैंसर और गुर्दे की पथरी के इलाज में भी प्रभावी

इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी से ट्यूमर को नष्ट करने और रक्त की आपूर्ति रोकने की प्रक्रिया की जा सकती है। इसके अलावा गुर्दे की पथरी नली के माध्यम से निकाली जा सकती है। पित्त नली की रुकावट का इलाज करने में भी इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी का इस्तेमाल किया जाता है।

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