‘डॉक्टर बनने का सपना था और उसी सपने को साकार करने के लिए जी तोड़ मेहनत की।
रात-दिन पढ़ाई और मरीजों के सेवाभाव ने उस मुकाम पर पहुंचा दिया जहां यूनिवर्सिटी के सर्वश्रेष्ठ मेडल पर कब्जा कर लिया।
जब इस बात का पता चला तो खुशी का ठिकाना नहीं रहा। मैंने अपने साथ मां-बाप और परिवार का सपना भी साकार किया और बन गई केजीएमयू क्वीन।’
ये बातें सत्र 2008-2013 में केजीएमयू टॉप करने वाली डॉ. वंदना ने कही हैं। वंदना बलिया जिले के इंडासो गांव की हैं।
अपनी मेहनत के बलबूते सर्जरी में टॉप करने के साथ किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएयमू) के दर्जनभर से ज्यादा मेडल पर कब्जा कर लिया है।
डॉ. वंदना को 29 सितंबर को होने वाले दीक्षांत समारोह में सर्वेश्रेष्ठ ‘हीवेट गोल्ड मेडल’ से सम्मानित किया जाएगा।
उन्हें ये मेडल फाइनल प्रोफेशनल एमबीबीएस पार्ट-टू परीक्षा में सबसे ज्यादा मार्क्स हासिल करने के लिए दिया जाएगा। दूसरे सर्वश्रेष्ठ ‘चांसलर मेडल’ पर भी वंदना का कब्जा है।
ये मेडल फर्स्ट और सेकंड प्रोफेशनल में सबसे ज्यादा मार्क्स पाने के लिए दिया जाएगा। तीसरा ‘यूनिवर्सिटी ऑनर्स मेडल’ सबसे ज्यादा ऑनर्स और प्रशस्ति-पत्र हासिल करने और सभी परीक्षाओं को पहले प्रयास में पास करने के लिए दिया जाएगा।