केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर आने वाले मरीजों को शुरुआती 24 घंटे में मुफ्त इलाज की सुविधा है। इस दौरान मरीजों को सिर्फ जांच का शुल्क अदा करना पड़ता है। अब मरीजों की सुविधा के लिए संस्थान शुरुआती 24 घंटों के लिए मुफ्त जांच की सुविधा भी शुरू करने जा रहा है। इसके लिए कमेटी बनी हुई है जो इसी हफ्ते बैठक करके इस प्रस्ताव पर मुहर लगाएगी।
अफसरों का कहना है जनवरी के आखिर तक मुफ्त जांच की सुविधा मरीजों को मिलने लगेगी। इससे गरीब मरीजों को इलाज कराने में किसी तरह की आर्थिक समस्या नहीं होगी। केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में 400 से अधिक बेड हैं। हर दिन औसतन 200 से अधिक मरीज इलाज के लिए आते हैं। इसमें डेढ़ सौ से ज्यादा मरीजों को भर्ती किया जाता है। इन्हें भर्ती होने के 24 घंटे के भीतर मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाती है।
मरीजों को दवाएं भी नहीं खरीदनी पड़ती हैं। अब जांच भी निशुल्क करने की तैयारी है। ट्रॉमा सेंटर के सीएमएस डॉ. प्रेमराज सिंह ने बताया कि कमेटी मरीजों की संख्या, जांच पर आने वाले खर्च व दूसरे संसाधनों का आकलन कर रही है। नई व्यवस्था कैसे लागू की जाए, इसका खाका तैयार किया जा रहा है। जनवरी के अंतिम सप्ताह से मरीजों को यह सुविधा मुहैया कराई जा सकती है।
ये हैं जांच कमेटी में: केजीएमयू प्रशासन ने चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुरेश कुमार, ट्रॉमा सेंटर के सीएमएस डॉ. प्रेमराज सिह, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अमिय अग्रवाल, वित्त व आईटी विशेषज्ञों को कमेटी में शामिल किया है।