किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय अब लखनऊ विश्वविद्यालय की राह पर चलकर नेशनल असेसमेंट एंड एक्रेडिएशन काउंसिल (नैक) के निरीक्षण में अपनी ग्रेडिंग सुधारने की तैयारी कर रहा है। चिकित्सा विश्वविद्यालय में अगले महीने की दो, तीन और चार फरवरी को नैक का निरीक्षण होना है। इसे लेकर परिसर में सोमवार को दिन भर बैठकों का दौर जारी रहा। इसमें विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में हाल ही में ए प्लस प्लस ग्रेड हासिल करने वाले लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय भी मौजूद रहे।
लविवि ने सीमित संसाधन, कम बजट, शिक्षकों की कम संख्या के बावजूद सरकारी विश्वविद्यालय को ए प्लस प्लस की ग्रेड दिलाई है। केजीएमयू में इस समय शिक्षकों के पद विज्ञापित हो चुके हैं। आर्थिक संसाधन के मामले भी केजीएमयू लविवि से संपन्न है। ऐसे में वह भी बेहतर रैंक की उम्मीद लगाए हुए है। पिछली बार केजीएमयू को ए ग्रेड हासिल हुई थी लेकिन लविवि की ओर से ए प्लस प्लस ग्रेड हासिल करने के बाद उस पर भी दबाव बन गया है। इसलिए अपनी तैयारियों के साथ ही लविवि से सहयोग लेने में भी केजीएमयू पीछे नहीं हट रहा है।
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लाइब्रेरी और प्रयोगशाला पर होगा फोकस
लविवि ने नैक के लिए सबसे ज्यादा नंबर अपनी सायबर लाइब्रेरी से जुटाए। इसके साथ ही सभी सूचनाओं का बेहतर प्रेजेंटेशन भी लविवि के लिए फायदेमंद रहा। केजीएमयू की लाइब्रेरी सौ साल से ज्यादा पुरानी और यहां 20 से ज्यादा बड़ी प्रयोगशालाएं हैं। इसे देखते हुए केजीएमयू भी अपनी विशेषताओं को प्रजेंटेशन में विशिष्ट रूप से दिखाने की तैयारी कर रहा है।