लखनऊ। हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने एक अवमानना मामले में केजीएमयू के रजिस्ट्रार को पूरे अभिलेखों के साथ 13 जुलाई को कोर्ट के सहयोग के लिए उपस्थित होने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा है कि इस तारीख पर मामले को स्थगित नहीं किया जाएगा।
न्यायमूर्ति राजीव सिंह की एकलपीठ ने यह आदेश आशीष वाखलू की वर्ष 2020 में दाखिल अवमानना याचिका पर आया है। पूर्व में न्यायालय के आदेश पर केजीएमयू के प्रशासनिक अधिकारी हुकुम सिंह नेगी 22 मई को पेश हुए थे। एक प्रतिपक्षी पक्षकार के अधिवक्ता ने मामला स्थगित करने की अर्जी दी थी। उन्होंने बताया कि बहस करने वाले अधिवक्ता 31 मई तक स्वीकृत अवकाश पर हैं। उच्च न्यायालय ने इस पर कहा कि यह मामला वर्ष 2020 से लंबित है। इस मामले के शीघ्र निस्तारण के लिए इस पीठ को नामित किया गया है।
न्यायालय ने मामले को 13 जुलाई को सूचीबद्ध करने का आदेश दिया। न्यायालय ने दोहराया कि अगली तारीख पर मामले को मुल्तवी नहीं किया जाएगा। के जी एम यू के पंजीयक को सभी अभिलेखों के साथ उपस्थित होना होगा। उन्हें न्यायालय के समक्ष सहयोग करने का निर्देश दिया गया है।